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Google Map में आने वाली आवाज किसकी है – जाने

The voice of Karen Jacobsant comes to Google Maps

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Women speaking in Google Map

RDN News : Whose voice is coming in Google Maps ? – गूगल मैप में जो अभी आप आवाज़ सुनते हो वो करेन जैकबसेन (Karen Jacobsen) की है। जो कि एक ऑस्ट्रेलियन महिला हैं. करेन न्यूयॉर्क की एक एंटरटेनर हैं। The voice you hear right now in Google Maps is from Karen Jacobsen. Which is an Australian woman. Karen is an entertainer from New York.

अभी आपको गूगल मैप पर न्यूयॉर्क की एंटरटेनर करेन जैकबसन की आवाज सुनने मिलती है. जैकबसन की आवाज सिरी में भी है। Right now you get to hear the voice of New York entertainer Karen Jacobson on Google Maps. Jacobson’s voice is also in Siri.

Voice of Karen Jacobsant comes to Google Maps

बता दें की आपको गूगल मैप पर बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन जल्द ही आपको रास्ता बताते हुए सुनाई दे सकते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो गूगल ने अमिताभ बच्चन को उनकी आवाज गूगल मैप के ऐप को रिकॉर्ड करने के लिए संपर्क किया है Let us tell you that you can soon hear Bollywood actor Amitabh Bachchan telling you the way on Google Map. According to media reports, Google has contacted Amitabh Bachchan to record his voice on the Google Map app.

अमिताभ बच्चन आपको बताएंगे ‘सही रास्ता’

गूगल मैप के ऐप में आवाज देने के लिए बच्चन को भारी भरकम रकम का ऑफर किया गया है. अगर अमिताभ बच्चन इस ऑफर को स्वीकार करते हैं तो रिकॉर्डिंग उनके घर पर ही की जाएगी. Bachchan has been offered a huge amount for giving voice in the Google Map app. If Amitabh Bachchan accepts the offer, the recording will be done at his home.

ऐसे में गूगल मैप यूजर्स को अब इंतजार होगा उस पल का, जब अमिताभ बच्चन उनकी यात्रा के साथी और गाइड के रूप में उन्हें सही रास्ता दिखाएंगे. In such a situation, Google Map users will now be waiting for that moment, when Amitabh Bachchan will show them the right path as their travel companion and guide.

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमिताभ बच्चन की आवाज सिर्फ हिंदी के लिए रहेगी, जबकि अंग्रेजी के लिए करेन जैकबसन (Karen Jacobsen) की ही आवाज रहेगी It has been said in media reports that Amitabh Bachchan’s voice will remain for Hindi only, while Karen Jacobsen’s voice will remain for English.

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खबर

इलेक्ट्रिक मास्क तैयार जानें पूरी खबर

पेक  समेत 4 संस्थाओं ने मिलकर एक ऐसे मास्क का निर्माण किया है जो टिकाऊ होगा तथा कोरोनावायरस के संक्रमण से ज्यादा बचाव करेगा. आपको बता दें कि चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) समेत चार संस्थानों के विशेषज्ञों ने एक ऐसा मास्क तैयार किया है जो कि वायरस को चेहरे से दूर कर देता है.

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electric mask ready

किन संस्थाओं ने तैयार किया

पेक  समेत 4 संस्थाओं ने मिलकर एक ऐसे मास्क का निर्माण किया है जो टिकाऊ होगा तथा कोरोनावायरस के संक्रमण से ज्यादा बचाव करेगा. आपको बता दें कि चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) समेत चार संस्थानों के विशेषज्ञों ने एक ऐसा मास्क तैयार किया है जो कि वायरस को चेहरे से दूर कर देता है.

सुरक्षित रहेगा.

मास्क लगाने वाला व्यक्ति पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित रहेगा. इस मास्क के संदर्भ में खास बात यह है कि इस मास्क को चार्ज किया जा सकेगा. यह एक तरह का इलेक्ट्रिक मास्क है, जिसका प्रयोग 1 महीने से ज्यादा समय तक किया जा सकता है.इस अनोखे मास्क का पेटेंट करवाया जा रहा है.  पेटेंट होने के बाद यह मास्क बाजार में आ जाएगा. आपको बता दें कि इस मास्क की एक और खासियत है कि यह कोरोना समेत अन्य वायरस से भी बचाव करेगा. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पेक के शताब्दी समारोह में इस मास्क की काफी तारीफ भी की थी.

किसने निर्माण किया

पेक के साइबर सुरक्षा अनुसंधान केंद्र की प्रमुख का प्रो. दिव्या बंसल, फॉर्टिस मोहाली के न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर निशित सावल, जीएमसीएच-32 के डॉ रघुवीर सिंह, आईआईटी रोपड़ के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉक्टर चंदू पात्रा चक्रधर रेडी और हर्षित अजमीरा शोध कर इस मास्क का निर्माण किया है.

इस पूरी टीम ने कोरोना काल में इस मास्क को बनाने का काम शुरू कर दिया था. उन्होंने देखा कि बाजार में मौजूद मास्क वायरस से पूर्ण रूप से बचाव करने में सक्षम नहीं है. वही एन-95 मास्क को काफी सुरक्षित माना गया है लेकिन जहां मास्क जारी को लगता है मां कुछ हिस्सा ढीला होने के कारण खुला रह जाता है जिससे बारिश के प्रवेश करने के आसार बने रहते हैं.

 किसने शोध किया

चंडीगढ़ संस्थान के वैज्ञानिकों ने n95 मस्क की कमी को दूर करने के लिए शोध किया. इस शोध के फल फ्रूट चेहरे को छूने वाले हिस्से को चुंबकीय रूप से चार्ज करने और वायरस से बचाव की विधि तैयार की गई इस विधि के जरिए मास्क चलते ही चार्ज होकर वायरस को चेहरे से दूर कर देता है.

कैसे चार्ज करें

 यह मास्क भी बाजार के सामान्य मास्क के जैसा ही है. इसमें कोई बदलाव नहीं है, कपड़े या अन्य चीज़ों से बना मास्क चुंबकीय रूप से चार्ज हो जाएगा. वायरस जब ड्रॉपलेट आदि के जरिए शहर में घुसने की कोशिश भी करेगा तो प्रवेश नहीं कर पाएगा. मास्क पहनने वाला व्यक्ति पूरी तरह सुरक्षित रहेगा टीम ने इस मास्क के लिए फिल्ट्रेशन सिद्धांत को अपनाया है. इस मास्क की टेस्टिंग आईटीआई रोपड़ में हुई है. इस शोध में  शोधार्थी सविना सिंगल, गुरमेहर सिंह, तनीश आदि का सहयोग रहा है. जिसके फलस्वरूप इस मास्क का निर्माण हो सका है. इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को कोरोना के संक्रमण से बचाना है.

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खबर

NPCI भारत बिल पे ने उठाया बड़ा जाने पुरी खबर

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National Payments Corporation of India

ज्यादा ग्राहक

NPCI bharat bill payment: एनपीसीआई भारत बिल पे (NPCI Bharat bill pay) ने अपने मंच पर टाटा पावर (Tata power) को जोड़ा है. इसके बाद Tata power के अब 7 लाख से ज्यादा ग्राहक Click Pay के जरिए पेमेंट कर सकेंगे.

NPCI bharat bill payment: एनपीसीआई (NPCI ) भारत बिल पे (Bharat bill pay) ने अपने मंच पर टाटा पावर (Tata power) को जोड़ा है. NPCI की इस पहल के बाद ग्राहक अपने बिजली बिलों (electricity bill) का भुगतान बिना किसी परेशानी के कर सकते हैं. कंपनी की तरफ से मंगलवार को एक रिलीज जारी की गई थी. इसके बाद टाटा पावर के अब 7 लाख से ज्यादा ग्राहक क्लिकपे (Click Pay) के जरिए पेमेंट कर सकेंगे

ग्राहकों को मिलेगा फायदा 

Subsidiary NPCI  भारत बिलपे ने टाटा पावर को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ने की अनाउंसमेंट की है. रिलीज में जारी डिटेल के अनुसार, Tata power पहली ऐसी बिजली कंपनी है जो हाल में शुरू किए गए मंच से कनेक्ट हुई है. रिलीज में कहा गया है कि इससे कंपनी के कस्टमर्स अपने बिजली बिलों की पेमेंट बिना किसी परेशानी के सही ढंग से कर सकेंगे.

एनपीसीआई भारत बिलपे (NPCI Bharat Bill Pay) की चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नूपुर चतुर्वेदी (Nupur Chaturvedi) ने कहा कि, ‘हमें ट्रस्ट है कि इस पार्टनरशिप से बड़ी संख्या में टाटा पावर के ग्राहकों को बिजली बिल भुगतान के मामले में फायदा होगा.

बिजली के प्राइवेटाइजेशन को लेकर चिंता

3 कृषि कानून की वापसी की अनाउंसमेंट के बाद अब बिजली डिपार्टमेंट मूवमेंट तेज करने के मूड में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से कृषि कानून को वापस लेने की अनाउंसमेंट के बाद अब बिजली संशोधन बिल को लेकर आंदोलन तेज हो सकता है. इस बिल के संसद के शीतकालीन सत्र में पेश करने की आशंका के खिलाफ आंदोलन तेजी की रूपरेखा बन रही है. 

बिजली के निजीकरण को लेकर चिंता

तीन कृषि कानून की वापसी की घोषणा के बाद अब बिजली विभाग आंदोलन तेज करने के मूड में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा के बाद अब बिजली संशोधन बिल को लेकर आंदोलन तेज हो सकता है. इस बिल के संसद के शीतकालीन सत्र में पेश करने की आशंका के खिलाफ आंदोलन तेजी की रूपरेखा बन रही है. शीतकालीन सत्र के पहले दिन 29 नवंबर को होने वाले बिजली कर्मियों के देशव्यापी आंदोलन के साथ ही किसानों का भी आंदोलन है.

टाटा पावर को जोड़ा

एनपीसीआई (NPCI ) भारत बिल पे (Bharat bill pay) ने अपने मंच पर टाटा पावर (Tata power) को जोड़ा है. इससे कंपनी के ग्राहक अपने बिजली बिलों (electricity bill) का भुगतान बिना किसी परेशानी के सहज तरीके से कर सकेंगे. मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई. इससे टाटा पावर (मुंबई) के सात लाख से अधिक ग्राहक क्लिकपे भुगतान लिंक के जरिये बिजली बिल का भुगतान आसानी से कर सकेंगे.

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GIS Lab, विकास परियोजनाओं पर रखी जाएगी निगरानी जानें पूरी खबर

सेटेलाइट के जरिए विकास परियोजनाओं की निगरानी की जाएगी. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 11 जिलों में भौगोलिक सूचना प्रणाली प्रयोगशालाएं (GIS) का लोकार्पण किया है.

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GIS Lab, development projects will be monitored

सेटेलाइट के जरिए विकास परियोजनाओं की निगरानी की जाएगी. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 11 जिलों में भौगोलिक सूचना प्रणाली प्रयोगशालाएं (GIS) का लोकार्पण किया है.

हरियाणा में अब विकास परियोजनाओं की निगरानी के लिए 11 जिलों में अंतरिक्ष उपयोग द्वारा स्थापित भौगोलिक सूचना प्रणाली प्रयोगशालाएं (जीआईएस लैब) स्थापित की गई है. इन लैबो को  पहले चरण में अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, यमुनानगर, पानीपत, सोनीपत, रेवाड़ी, नूंह, भिवानी, फतेहाबाद व पलवल में  बनाया गया है. इन लैब्स के माध्यम से सेटेलाइट के जरिए विभिन्न विभागों से संबंधित डाटा इकट्ठा किया जा सकेगा. और परियोजनाओं की निगरानी भी रखी जा सकेगी.

ख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से हर से की ओर से 11 जिलों में निर्मित की गई जीआईएस लैब का लोकार्पण किया है. मुख्यमंत्री ने इस मीटिंग में जुड़े सभी कैबिनेट मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों को बताया कि स्थापित की गई, इन लैबो में सेटेलाइट इमेज का प्रयोग करके डाटा जुटा कर सुरक्षित रखा जाएगा.

इस डाटा की पूरी जानकारी जैसे संपत्ति के मालिक का नाम, संपर्क नंबर संपत्ति का क्षेत्र, संपत्ति की आवासीय वाणिज्यिक क्षेत्रों से संबंधित स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा. संपत्ति का स्थान और क्षेत्र में उपलब्ध सार्वजनिक सुविधाओं की जानकारी भी आसानी से उपलब्ध होगी सेटेलाइट के माध्यम से अधिकृत और अनधिकृत कॉलोनियों की भी आसानी से पहचाना जा सकती है.

लाभ

  • लैब के माध्यम से भविष्य की योजनाएं बनाने में डाटा एकत्रित करने में मदद मिलेगी.
  • एक जगह पर उपलब्ध होगी सभी विभागों की जानकारी.
  • सेटेलाइट के माध्यम से संकलित होगा डाटा.
  • प्राकृतिक संसाधनों के मानचित्रण शहरीकरण सरकार की विभिन्न स्कीमों का आकलन करने में सहायता मिलेगी.
  • जिला स्तर पर योजना तैयार करने में कम समय में कम खर्च लगेगा.

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