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दिल्ली-एनसीआर में स्कूल कॉलेज बंद जाने पूरी खबर

दिल्ली एनसीआर के क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को देखकर गैर जरूरी कंस्ट्रक्शन के कार्य तथा स्कूल व कॉलेज अगले आदेश तक बंद रहेंगे. यह प्रमुख निर्णय प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखकर लिए गए हैं.

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने मंगलवार को देर रात को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्कूल कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान बढ़ते प्रदूषण के कारण अगले आदेश तक बंद रहेंगे.

आयोग ने निर्देश दिया कि दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में स्थित 11 ताप विद्युत संयंत्र में से केवल पांच- एनटीपीसी, झज्जर, महात्मा गांधी टीपीएस, सीएलपी झज्जर, पानीपत एनपीजीसीएल, नाभा पावर लिमिटेड टीपीएस राजपुरा और तलवंडी डीपीएस यह सभी 30 नवंबर तक चालू रहेंगे.

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School colleges closed in Delhi-NCR

दिल्ली एनसीआर के क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को देखकर गैर जरूरी कंस्ट्रक्शन के कार्य तथा स्कूल व कॉलेज अगले आदेश तक बंद रहेंगे. यह प्रमुख निर्णय प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखकर लिए गए हैं.

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने मंगलवार को देर रात को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्कूल कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान बढ़ते प्रदूषण के कारण अगले आदेश तक बंद रहेंगे.

आयोग ने निर्देश दिया कि दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में स्थित 11 ताप विद्युत संयंत्र में से केवल पांच- एनटीपीसी, झज्जर, महात्मा गांधी टीपीएस, सीएलपी झज्जर, पानीपत एनपीजीसीएल, नाभा पावर लिमिटेड टीपीएस राजपुरा और तलवंडी डीपीएस यह सभी 30 नवंबर तक चालू रहेंगे.

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने निर्देश दिए हैं कि दिल्ली एनसीआर के क्षेत्र में निर्माण और तोड़फोड़ संबंधी कार्य को बंद कर दिया है. दिल्ली और एनसीआर में आने वाले राज्यों को 21 नवंबर तक क्षेत्र में सीएनटीडी अपशिष्ट प्रबंधन नियमों और धूल नियंत्रण मानदंडों का अनुपालन करने को कहां है.

 एनसीआर में अब तक भी गैर स्वीकृत ईंधन का उपयोग करने वाले सभी उद्योगों को संबंधित सरकारी तत्काल प्रभाव से बंद करेंगे. आपातकालीन सेवा को छोड़कर डीजी सेट के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध  रहेंगे.

एनसीआर के क्षेत्र में अधिकारियों को यह भी आदेश दिया गया है कि डीजल और पेट्रोल के आउटडेटेड पुराने वाहन सड़क पर नहीं चलते पाए जाने चाहिए. वहीं दिल्ली सरकार को जल्द से जल्द पर्याप्त संख्या में सीएनजी बसों को खरीदने और उन्हें सड़कों पर उतारने का निर्देश भी दिया गया है.

 सोमवार से 1 हफ्ते के लिए स्कूल कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में प्रत्यक्ष कक्षाएं बंद करने का आदेश दिया था आवश्यक सेवाओं में शामिल लोगों को छोड़कर सभी सरकारी कार्यालयों एजेंसी और स्वायत्त निकायों को घर से काम करने के लिए कहा गया है. दिल्ली में ट्रकों की एंट्री पर भी रोक रहेगी.

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13 दिसंबर से शुरू होगी मूल्यांकन परीक्षा जाने पूरी खबर

 हरियाणा के सरकारी स्कूलों के 25 लाख छात्र ऑफलाइन मूल्यांकन परीक्षा में शामिल होंगे. स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली से 12 वीं तक के छात्रोंं की यह परीक्षा संयुक्त रुप से आयोजित करने का निर्णय लिया है. यें परीक्षाएं 13 दिसंबर से शुरू हो रही है. डीईओ, डीईईओ को शिक्षा निदेशालय सीलबंद लिफाफे में प्रश्न- उत्तर पुस्तिकाओं को भेजेगा. वें इन्हें छपवाकर स्कूलों को भिजवाएंगे.

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Evaluation exam will start from December 13

परीक्षा में शामिल होंगे

 हरियाणा के सरकारी स्कूलों के 25 लाख छात्र ऑफलाइन मूल्यांकन परीक्षा में शामिल होंगे. स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली से 12 वीं तक के छात्रोंं की यह परीक्षा संयुक्त रुप से आयोजित करने का निर्णय लिया है. यें परीक्षाएं 13 दिसंबर से शुरू हो रही है. डीईओ, डीईईओ को शिक्षा निदेशालय सीलबंद लिफाफे में प्रश्न- उत्तर पुस्तिकाओं को भेजेगा. वें इन्हें छपवाकर स्कूलों को भिजवाएंगे.

दिशानिर्देश जारी

शिक्षा निदेशालय ने सभी डीईओ, डीईईओ को परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं. भाषाई प्रश्नों को छोड़कर प्रश्न पत्र हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में होंगे. प्रश्न पत्रों की छपवाई के लिए प्रति जिला 5 लाख रुपए की राशि जारी की जाएगी. स्कूल मुखिया को सीलबंद लिफाफे में हीं प्रश्न- उत्तर पुस्तिका लेनी होगी. इन्हें सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी और परीक्षा समय से 10 मिनट पहले ही छात्रों को मुहैया करवाएंगे.

प्रश्न- उत्तर पुस्तिका की छपवाई का टेंडर लेने वाली कंपनी को गुणवत्ता व गोपनीयता का प्रमाण पत्र डीईओ, डीईईओ को देना होगा. छपवाई से पहले अधिकारी स्कूल वार छात्रों की संख्या की सटीक जानकारी रखें और एमआईएस से डाटा का मिलान जरुर करें. छात्रों की संख्या की ताज़ा जानकारी स्कूलों से मंगवा ली जाएं.

डेटशीट

शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल प्रभारियों व विषय शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वें छात्रों को डेटशीट कॉपी में अवश्य नोट करवाएं. छात्रों को डेटशीट कॉपी पर अभिभावकों से हस्ताक्षर करवाकर लाने होंगे. वैकल्पिक विषयों के प्रश्नपत्र स्कूल मुखिया को अपने स्तर पर तैयार करवाने होंगे. परीक्षा के दिन हीं उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर रिजल्ट को शिक्षक- अभिभावक मीटिंग में अवश्य प्रस्तुत किया जाएं.

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सरकार कर सकती है खत्म नंबरदार पद जाने पूरी खबर

नंबरदारों की नियुक्ति पर रोक लगा दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने इस संबंध में सभी डीसी को आदेश जारी किया है। फिलहाल प्रदेश में 23375 नंबरदार के पद मंजूर हैं लेकिन इनमें से एक तिहाई रिक्त हैं। नंबरदार के अलावा सरबराह नंबरदार (कार्यकारी) की नियुक्ति पर भी रोक लगाई गई है।

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Government can eliminate numbered posts

नंबरदारों की नियुक्ति पर रोक लगा दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने इस संबंध में सभी डीसी को आदेश जारी किया है। फिलहाल प्रदेश में 23375 नंबरदार के पद मंजूर हैं लेकिन इनमें से एक तिहाई रिक्त हैं। नंबरदार के अलावा सरबराह नंबरदार (कार्यकारी) की नियुक्ति पर भी रोक लगाई गई है।

हाई कोर्ट

काफी समय से चर्चा है कि प्रदेश सरकार जल्द ही नंबरदार पद को अन्य राज्यों की तर्ज पर खत्म कर सकती है। इस रोक को उसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है। इस आदेश से पहले हाइकोर्ट भी नंबरदार के पद की अहमियत पर सवाल उठा चुका है। माना जा रहा है कि डिजिटल युग में नंबरदारों की जरूरत नहीं बची है। जमीन की रजिस्ट्री में होने वाली नंबरदार की गवाही में भी अन्य विकल्प दिए जा चुके हैं।आबियाना इकट्ठा करने का काम भी नहरी पटवारियों को दिया जा चुका है। वर्तमान में नियुक्त नंबरदारों को 3000 रुपए महीना पेंशन और फ्री किराए की सुविधा मिलती है।

सामाजिक पद है नंबरदार

ग्रामीण एरिया में नंबरदार का पद एक सामाजिक और प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है। नंबरदार पद पर नियुक्त व्यक्ति को गांव में अलग ही सम्मान मिलता है। नंबरदार सरकार प्रशासन और ग्रामीणों के बीच कड़ी का काम करता है। इस पद पर अंग्रेजों के जमाने से ही नियुक्तियां होती रही हैं। सरपंच के अलावा गांव में नंबरदार के पास तमाम तरह की प्रशासनिक पावर होती है और सरकारी दस्तावेजों में नंबरदार की तस्दीक मान्य है।

जमीन की रजिस्ट्री, जमीन के मालिकों की पहचान व आबियाना इकट्‌ठा करना आदि नंबरदारों का काम है। हुड्डा सरकार से पहले नंबरदार का पद वंशानुगत होता था। इसके बाद इसे बदलकर योग्यता के आधार पर कर दिया गया। गांव में एक एससी जाति, सामान्य व बीसी वर्ग से नंबरदार होता है ताकि सामाजिक बैलेंस बना रहे।

दुष्यंत चौटाला को मांगपत्र सौंपा

हरियाणा नंबरदार एसोसिएसन के प्रधान जिले सिंह संदलाना ने बताया कि जनसंख्या लगातार बढ़ रही है जिस कारण से नंबरदारों पर काम का दबाव भी बढ़ रहा है। सरकार नए नंबरदार नियुक्त करने की बजाय उस पर रोक लगा रही है, यह बिलकुल की गलत फैसला है। इस बारे में पहले भी डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को मांगपत्र सौंपा गया था लेकिन सरकार इसको लेकर सार्थक फैसला करती नहीं दिखाई दे रही है।

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अभी तक नहीं मिली है वृद्धावस्था पेंशन जाने पूरी खबर

 हरियाणा में वृद्धावस्था पेंशन लेने वाले बुजुर्गों की जेब अभी तक खाली पड़ी है. अभी तक हरियाणा सरकार ने बुढ़ापा पेंशन के लिए बजट जारी नहीं किया है. करीब 28 लाख लोग इससे प्रभावित हैं. दो दिन तक और पेंशन नहीं आई तो फिर बुजुर्गों को 17 से 20 दिन का इंतजार और करना पड़ सकता है.

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Not yet received old age pension

 हरियाणा में वृद्धावस्था पेंशन लेने वाले बुजुर्गों की जेब अभी तक खाली पड़ी है. अभी तक हरियाणा सरकार ने बुढ़ापा पेंशन के लिए बजट जारी नहीं किया है. करीब 28 लाख लोग इससे प्रभावित हैं. दो दिन तक और पेंशन नहीं आई तो फिर बुजुर्गों को 17 से 20 दिन का इंतजार और करना पड़ सकता है.

कितना सम्मान भत्ता

प्रदेश में हर महीने बुढ़ापा पेंशन, दिव्यांग, विधवा पेंशन के लाभार्थियों को हर महीने ढाई हजार रुपए उनके खाते में मिलता है. खजाना खाली हैं या फिर बजट रिवाइज नहीं हुआं है, इस पर अधिकारी कुछ भी स्पष्टीकरण नहीं दें रहें हैं. यें जरुर कह रहे हैं कि यह समस्या पूरे प्रदेश की है,किसी एक जिले की नहीं.

ज्यादा असर

प्रदेश में करीब 28 लाख लोग इससे प्रभावित हैं. साल 2021 में बुढ़ापा पेंशन लेने वालों की संख्या जहां 17.38 लाख के पार है. वहीं 7.50 लाख विधवा, 1.74 लाख लोगों को दिव्यांग पेंशन भी हर महीने दी जाती है. लाड़ली योजना के तहत भी इन्हीं वर्गों के समान हर महीने 2500 रुपए दिए जाते हैं. आम तौर पर 17 तारीख के आसपास पेंशन जारी कर दी जाती है.

20 दिन बाद

सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण विभाग पेंशन के लिए सरकार की नोडल एजेंसी है. विभाग के अकाउंटेंट राजकुमार ने बताया कि अभी तक पूरे प्रदेश में पेंशन नहीं मिली है. बजट रिवाइज नहीं हो पाया है, आज या कल में बजट नहीं मिला तो फिर अगले महीने दो महीनों की पेंशन साथ मिलेगी.

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