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राखी सावंत को डर है कि बिग बॉस 15 में लड़कियां अपने पति के प्यार में पड़ सकती हैं जानें पूरी खबर

वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट राखी सावंत अपने पति रितेश के साथ बिग बॉस 15 में एंट्री करने की बात कर रही हैं। वह यह भी कहती हैं कि सलमान खान की मेजबानी वाले शो में आने का उनका एकमात्र इरादा मनोरंजन करना है।

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Rakhi Sawant fears that girls may fall in love with their husbands in Bigg Boss 15

वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट राखी सावंत अपने पति रितेश के साथ बिग बॉस 15 में एंट्री करने की बात कर रही हैं। वह यह भी कहती हैं कि सलमान खान की मेजबानी वाले शो में आने का उनका एकमात्र इरादा मनोरंजन करना है।

एक आश्चर्यजनक कदम में, बिग बॉस 15 के निर्माताओं ने राखी सावंत को वाइल्ड कार्ड के रूप में घर में वापस आमंत्रित किया है। जबकि वह पहले सीज़न में सबसे चर्चित प्रतियोगियों में से एक थी, वह पिछले साल शो में वापस आई थी, और यहां तक ​​कि फाइनलिस्ट के रूप में उभरने में भी सफल रही। इस बार, डांसर-अभिनेता कथित तौर पर उनके पति रितेश से जुड़ेंगे, जिनके बारे में उन्होंने पिछले सीजन में विस्तार से बात की थी।

राखी ने कहा कि वह हर साल रियलिटी शो में वापस आएंगी, क्योंकि उनका मानना ​​है कि वह बहुत जरूरी मनोरंजन जोड़ सकती हैं। जबकि उन्हें लगता है कि दर्शक उन्हें शो में देखना चाहते हैं, हमने उनसे पूछा कि क्या उनकी उपस्थिति भी कई लोगों के लिए ओवरडोज़ साबित होगी।

“अगर ऐसा होता, तो मुझे नहीं लगता कि कोई सीरियल साल दर साल काम करता। लोग अपनी बहू को बार-बार एक ही चीज़ को देखते और करते हुए प्यार करते हैं और देखते हैं। दुनिया उबाऊ हो सकती है लेकिन मेरे प्रशंसक मुझे कभी भी पर्याप्त नहीं पाएंगे। मैं सीजन में अपना खुद का तड़का जोड़ूंगा। जो लोग मुझे पसंद नहीं करते हैं, उन्हें देखने की जरूरत नहीं है। मैं यहां अपनी जनता के लिए हूं, ”उसने कहा।

जबकि राखी सावंत ने कहा कि वह अपने पति के बारे में कुछ भी नहीं बता सकती हैं, उन्होंने साझा किया कि वह बिल्कुल “टाइगर श्रॉफ, शाहिद कपूर, रणवीर सिंह और अर्जुन कपूर” की तरह दिखते हैं, यह कहते हुए कि उन्हें डर है कि लड़कियां उनके लिए गिर जाएंगी, क्योंकि वह है “इतनी अच्छी दिखने वाली, शिक्षित और समृद्ध।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि वह मेरे साथ आएंगे लेकिन जब वह सहमत हुए, तो मुझे पता था कि यह उन्हें दुनिया के सामने प्रकट करने का मौका है। मुझे उस पर बहुत गर्व है और साथ ही अपनी नई यात्रा को लेकर उत्साहित हूं। मैं इस बार एक पत्नी के रूप में प्रवेश कर रही हूं, तो देखते हैं कि यह कैसा रहता है।”

प्रशंसकों ने पिछले साल अभिनव शुक्ला के साथ उनकी केमिस्ट्री का आनंद लिया, हमने राखी सावंत से पूछताछ की कि क्या घर के अंदर ‘पत्नी’ होने से उनका मनोरंजन प्रतिबंधित हो जाएगा। उसने कहा, “मुझे नहीं लगता कि मैं इस पर कोई टिप्पणी करना चाहूंगी। ईमानदारी से कहूं तो अभी हम बहुत कुछ कह सकते हैं लेकिन अगर शो में ऐसा नहीं होता है तो क्या होगा। मैंने सलमान सर से कहा था कि मैं शादीशुदा हूं और पिछली बार जब मैं आया था तो प्यार की कोई गुंजाइश नहीं थी। हालांकि, मैं अभिनव के प्यार में पड़ गया। घर के अंदर आने के बाद मैं अपनी भावनाओं को समझ पाऊंगा।

इस बार प्रतियोगियों के खेल को तोड़ते हुए, मैं हूं ना अभिनेता ने कहा कि वह एक गृहिणी का नाम नहीं लेना चाहेंगी, लेकिन उन्हें लगता है कि सीजन में मस्ती की कमी है। राखी ने यह भी कहा कि वह किसी का खेल खराब नहीं करने जा रही हैं और न ही बदला लेने जा रही हैं क्योंकि उनका मानना ​​​​है कि हर कोई सह-अस्तित्व में हो सकता है और साथ में प्रशंसकों के लिए एक सुखद मौसम बना सकता है।

अंत में राखी सावंत ने कहा कि वह किसी भी चीज से ज्यादा प्रशंसकों का प्यार जीतना चाहती हैं। “पिछले साल, मैंने 14 लाख रुपये लेकर बाहर कदम रखा। अगर ट्रॉफी मेरी किस्मत में है तो मैं इस सीजन में इसे हासिल कर लूंगा। नहीं तो मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि मैं पिछली बार से ज्यादा दिल जीतने में कामयाब हो जाऊं।”

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13 दिसंबर से शुरू होगी मूल्यांकन परीक्षा जाने पूरी खबर

 हरियाणा के सरकारी स्कूलों के 25 लाख छात्र ऑफलाइन मूल्यांकन परीक्षा में शामिल होंगे. स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली से 12 वीं तक के छात्रोंं की यह परीक्षा संयुक्त रुप से आयोजित करने का निर्णय लिया है. यें परीक्षाएं 13 दिसंबर से शुरू हो रही है. डीईओ, डीईईओ को शिक्षा निदेशालय सीलबंद लिफाफे में प्रश्न- उत्तर पुस्तिकाओं को भेजेगा. वें इन्हें छपवाकर स्कूलों को भिजवाएंगे.

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Evaluation exam will start from December 13

परीक्षा में शामिल होंगे

 हरियाणा के सरकारी स्कूलों के 25 लाख छात्र ऑफलाइन मूल्यांकन परीक्षा में शामिल होंगे. स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली से 12 वीं तक के छात्रोंं की यह परीक्षा संयुक्त रुप से आयोजित करने का निर्णय लिया है. यें परीक्षाएं 13 दिसंबर से शुरू हो रही है. डीईओ, डीईईओ को शिक्षा निदेशालय सीलबंद लिफाफे में प्रश्न- उत्तर पुस्तिकाओं को भेजेगा. वें इन्हें छपवाकर स्कूलों को भिजवाएंगे.

दिशानिर्देश जारी

शिक्षा निदेशालय ने सभी डीईओ, डीईईओ को परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं. भाषाई प्रश्नों को छोड़कर प्रश्न पत्र हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में होंगे. प्रश्न पत्रों की छपवाई के लिए प्रति जिला 5 लाख रुपए की राशि जारी की जाएगी. स्कूल मुखिया को सीलबंद लिफाफे में हीं प्रश्न- उत्तर पुस्तिका लेनी होगी. इन्हें सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी और परीक्षा समय से 10 मिनट पहले ही छात्रों को मुहैया करवाएंगे.

प्रश्न- उत्तर पुस्तिका की छपवाई का टेंडर लेने वाली कंपनी को गुणवत्ता व गोपनीयता का प्रमाण पत्र डीईओ, डीईईओ को देना होगा. छपवाई से पहले अधिकारी स्कूल वार छात्रों की संख्या की सटीक जानकारी रखें और एमआईएस से डाटा का मिलान जरुर करें. छात्रों की संख्या की ताज़ा जानकारी स्कूलों से मंगवा ली जाएं.

डेटशीट

शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल प्रभारियों व विषय शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वें छात्रों को डेटशीट कॉपी में अवश्य नोट करवाएं. छात्रों को डेटशीट कॉपी पर अभिभावकों से हस्ताक्षर करवाकर लाने होंगे. वैकल्पिक विषयों के प्रश्नपत्र स्कूल मुखिया को अपने स्तर पर तैयार करवाने होंगे. परीक्षा के दिन हीं उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर रिजल्ट को शिक्षक- अभिभावक मीटिंग में अवश्य प्रस्तुत किया जाएं.

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सरकार कर सकती है खत्म नंबरदार पद जाने पूरी खबर

नंबरदारों की नियुक्ति पर रोक लगा दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने इस संबंध में सभी डीसी को आदेश जारी किया है। फिलहाल प्रदेश में 23375 नंबरदार के पद मंजूर हैं लेकिन इनमें से एक तिहाई रिक्त हैं। नंबरदार के अलावा सरबराह नंबरदार (कार्यकारी) की नियुक्ति पर भी रोक लगाई गई है।

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Government can eliminate numbered posts

नंबरदारों की नियुक्ति पर रोक लगा दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने इस संबंध में सभी डीसी को आदेश जारी किया है। फिलहाल प्रदेश में 23375 नंबरदार के पद मंजूर हैं लेकिन इनमें से एक तिहाई रिक्त हैं। नंबरदार के अलावा सरबराह नंबरदार (कार्यकारी) की नियुक्ति पर भी रोक लगाई गई है।

हाई कोर्ट

काफी समय से चर्चा है कि प्रदेश सरकार जल्द ही नंबरदार पद को अन्य राज्यों की तर्ज पर खत्म कर सकती है। इस रोक को उसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है। इस आदेश से पहले हाइकोर्ट भी नंबरदार के पद की अहमियत पर सवाल उठा चुका है। माना जा रहा है कि डिजिटल युग में नंबरदारों की जरूरत नहीं बची है। जमीन की रजिस्ट्री में होने वाली नंबरदार की गवाही में भी अन्य विकल्प दिए जा चुके हैं।आबियाना इकट्ठा करने का काम भी नहरी पटवारियों को दिया जा चुका है। वर्तमान में नियुक्त नंबरदारों को 3000 रुपए महीना पेंशन और फ्री किराए की सुविधा मिलती है।

सामाजिक पद है नंबरदार

ग्रामीण एरिया में नंबरदार का पद एक सामाजिक और प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है। नंबरदार पद पर नियुक्त व्यक्ति को गांव में अलग ही सम्मान मिलता है। नंबरदार सरकार प्रशासन और ग्रामीणों के बीच कड़ी का काम करता है। इस पद पर अंग्रेजों के जमाने से ही नियुक्तियां होती रही हैं। सरपंच के अलावा गांव में नंबरदार के पास तमाम तरह की प्रशासनिक पावर होती है और सरकारी दस्तावेजों में नंबरदार की तस्दीक मान्य है।

जमीन की रजिस्ट्री, जमीन के मालिकों की पहचान व आबियाना इकट्‌ठा करना आदि नंबरदारों का काम है। हुड्डा सरकार से पहले नंबरदार का पद वंशानुगत होता था। इसके बाद इसे बदलकर योग्यता के आधार पर कर दिया गया। गांव में एक एससी जाति, सामान्य व बीसी वर्ग से नंबरदार होता है ताकि सामाजिक बैलेंस बना रहे।

दुष्यंत चौटाला को मांगपत्र सौंपा

हरियाणा नंबरदार एसोसिएसन के प्रधान जिले सिंह संदलाना ने बताया कि जनसंख्या लगातार बढ़ रही है जिस कारण से नंबरदारों पर काम का दबाव भी बढ़ रहा है। सरकार नए नंबरदार नियुक्त करने की बजाय उस पर रोक लगा रही है, यह बिलकुल की गलत फैसला है। इस बारे में पहले भी डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को मांगपत्र सौंपा गया था लेकिन सरकार इसको लेकर सार्थक फैसला करती नहीं दिखाई दे रही है।

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अभी तक नहीं मिली है वृद्धावस्था पेंशन जाने पूरी खबर

 हरियाणा में वृद्धावस्था पेंशन लेने वाले बुजुर्गों की जेब अभी तक खाली पड़ी है. अभी तक हरियाणा सरकार ने बुढ़ापा पेंशन के लिए बजट जारी नहीं किया है. करीब 28 लाख लोग इससे प्रभावित हैं. दो दिन तक और पेंशन नहीं आई तो फिर बुजुर्गों को 17 से 20 दिन का इंतजार और करना पड़ सकता है.

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Not yet received old age pension

 हरियाणा में वृद्धावस्था पेंशन लेने वाले बुजुर्गों की जेब अभी तक खाली पड़ी है. अभी तक हरियाणा सरकार ने बुढ़ापा पेंशन के लिए बजट जारी नहीं किया है. करीब 28 लाख लोग इससे प्रभावित हैं. दो दिन तक और पेंशन नहीं आई तो फिर बुजुर्गों को 17 से 20 दिन का इंतजार और करना पड़ सकता है.

कितना सम्मान भत्ता

प्रदेश में हर महीने बुढ़ापा पेंशन, दिव्यांग, विधवा पेंशन के लाभार्थियों को हर महीने ढाई हजार रुपए उनके खाते में मिलता है. खजाना खाली हैं या फिर बजट रिवाइज नहीं हुआं है, इस पर अधिकारी कुछ भी स्पष्टीकरण नहीं दें रहें हैं. यें जरुर कह रहे हैं कि यह समस्या पूरे प्रदेश की है,किसी एक जिले की नहीं.

ज्यादा असर

प्रदेश में करीब 28 लाख लोग इससे प्रभावित हैं. साल 2021 में बुढ़ापा पेंशन लेने वालों की संख्या जहां 17.38 लाख के पार है. वहीं 7.50 लाख विधवा, 1.74 लाख लोगों को दिव्यांग पेंशन भी हर महीने दी जाती है. लाड़ली योजना के तहत भी इन्हीं वर्गों के समान हर महीने 2500 रुपए दिए जाते हैं. आम तौर पर 17 तारीख के आसपास पेंशन जारी कर दी जाती है.

20 दिन बाद

सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण विभाग पेंशन के लिए सरकार की नोडल एजेंसी है. विभाग के अकाउंटेंट राजकुमार ने बताया कि अभी तक पूरे प्रदेश में पेंशन नहीं मिली है. बजट रिवाइज नहीं हो पाया है, आज या कल में बजट नहीं मिला तो फिर अगले महीने दो महीनों की पेंशन साथ मिलेगी.

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