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Indian Railway: यात्री इन ट्रेनों में बिना रिजर्वेशन भी कर सकेंगे सफर

Indian Railway: Passengers will be able to travel in these trains without reservation

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Indian Railway: Passengers will be able to travel in these trains without reservation

नई दिल्ली। कोरोना काल के बाद ट्रेनों में सफर करने वालों की बढ़ती संख्या को मद्देनजर रखते हुए रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है. भारतीय रेलवे का यह कदम निश्चित तौर पर यात्रियों के लिए राहत प्रदान करने वाला है. रेलवे ने 26 अक्टूबर से पूर्व मध्य रेलवे के अलग-2 स्टेशनों के बीच चलाई जा रही 13 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों में साधारण श्रेणी (2s) के कुछ आरक्षित डिब्बों को अनारक्षित कोच से बदलने का फैसला लिया है.

पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार ने कहा कि रेलवे का यात्रियों से अनुरोध है कि वो ट्रेन में सफर के दौरान कोविड गाइडलाइंस का पालन करें. कोरोना से हालात काबू में होने पर ट्रेनों में सफर करने वालों की संख्या बढ़ रही है और साथ ही त्यौहारी सीजन भी चल रहा है जिसको ध्यान में रखते हुए अनारक्षित डिब्बों की संख्या बढ़ाई गई है.

Indian Railway: Passengers will be able to travel in these trains without reservation

इन ट्रेनों में चलाएं जाएंगे अनारक्षित कोच

  • गाड़ी संख्या 05549/05550 जयनगर-पटना-जयनगर में स्पेशल ट्रेन में वर्तमान में आरक्षित साधारण श्रेणी के कोचों की कुल संख्या 09 है. इनमें से तीन कोच D-07,D-08 एवं D-09 अब अनारक्षित श्रेणी के होंगे.
  • गाड़ी संख्या 03653/03654 जयनगर-दानापुर-जयनगर स्पेशल ट्रेन में वर्तमान में आरक्षित साधारण श्रेणी के कोचों की कुल संख्या 09 है. इनमें से 3 कोच D-7,D-8 एवं D-9 अब अनारक्षित श्रेणी के होंगे.
  • गाड़ी संख्या 03227/03228 सहरसा- राजेंद्र नगर- सहरसा स्पेशल ट्रेन में वर्तमान में आरक्षित साधारण श्रेणी के कोचों की कुल संख्या 09 है. इनमें से 3 कोच D-15,D-16 एवं D-17 अब अनारक्षित श्रेणी के होंगे.
  • गाड़ी संख्या 03233/03234 राजगीर-दानापुर-राजगीर स्पेशल ट्रेन में वर्तमान में आरक्षित साधारण श्रेणी के कोचों की कुल संख्या 19 है. इनमें से 4 कोच D-16,D-17,D-18 एवं D-19 अब अनारक्षित श्रेणी के होंगे.
  • गाड़ी संख्या 03243/03244 पटना-भभुआ रोड़-पटना स्पेशल ट्रेन में वर्तमान में आरक्षित साधारण श्रेणी के कोचों की कुल संख्या 13 हैं. इनमें से 3 कोच D-11,D-12 एवं D-13 अब अनारक्षित श्रेणी के होंगे.
  • गाड़ी संख्या 03331/03332 धनबाद-पटना-धनबाद इंटरसिटी स्पेशल ट्रेन में वर्तमान में आरक्षित श्रेणी के साधारण कोचों की कुल संख्या 06 है. इनमें से 3 कोच D-4,D-5 एवं D-6 अब अनारक्षित श्रेणी के होंगे.
  • गाड़ी संख्या 03205/03206 सहरसा- पाटलिपुत्र- सहरसा एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन में वर्तमान में आरक्षित साधारण श्रेणी के कुल कोचों की संख्या 05 है. इनमें से 3 कोच D-3,D-4 एवं D-5 अब अनारक्षित श्रेणी के होंगे.
  • गाड़ी संख्या 02567/02568 सहरसा- पटना- सहरसा राज्यरानी स्पेशल ट्रेन में वर्तमान में आरक्षित साधारण श्रेणी (2s) के कोचों की कुल संख्या 17 है. इनमें से 3 कोच D-15, D-16 एवं D-17 अब अनारक्षित श्रेणी के होंगे.
  • गाड़ी संख्या 03305/03306 धनबाद-डेहरी ऑन सोन-धनबाद स्पेशल ट्रेन में वर्तमान में आरक्षित साधारण श्रेणी के कोचों की कुल संख्या 16 है. इनमें से 4 कोच D-13,D-14, D-15 एवं D-16 अब अनारक्षित श्रेणी के होंगे.
  • गाड़ी संख्या 03329/03330 धनबाद-पटना-धनबाद फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन में वर्तमान में आरक्षित साधारण श्रेणी के कोचों की कुल संख्या 06 है. इनमें से 3 कोच D-4,D-5 एवं D-6 अब अनारक्षित श्रेणी के होंगे.
  • गाड़ी संख्या 03347/03348 पटना-बरकाकाना-पटना स्पेशल ट्रेन में वर्तमान में आरक्षित साधारण श्रेणी के कोचों की कुल संख्या 4 हैं. इनमें से 3 कोच D-2,D-3 एवं D-4 अब अनारक्षित श्रेणी के होंगे.

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विर्जिल अबलोह, लुइस वुइटन डिजाइनर, ऑफ-व्हाइट संस्थापक, 41 साल की उम्र में कैंसर से हुई मौत जानें पूरी खबर

अपने करियर के चरम पर विर्जिल अबलोह की असामयिक मृत्यु ने दुनिया भर में स्तब्ध कर दिया, प्रतिद्वंद्वी डिजाइन हाउसों से श्रद्धांजलि के साथ।

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Virgil Abloh, Louis Vuitton designer, Off-White founder, died of cancer at the age of 41

अपने करियर के चरम पर विर्जिल अबलोह की असामयिक मृत्यु ने दुनिया भर में स्तब्ध कर दिया, प्रतिद्वंद्वी डिजाइन हाउसों से श्रद्धांजलि के साथ।

कैसे हुई मौत

पेरिस: लुइस वुइटन के मेन्सवियर संग्रह के कलात्मक निदेशक, शीर्ष अमेरिकी फैशन डिजाइनर वर्जिल अबलोह का रविवार को 41 साल की उम्र में कैंसर से जूझने के बाद निधन हो गया, फैशन और लक्जरी हाउस के फ्रांसीसी मालिकों एलवीएमएच ने घोषणा की।
अबलोह, एक शीर्ष फ्रांसीसी फैशन हाउस के पहले अश्वेत अमेरिकी क्रिएटिव डायरेक्टर, कैटवॉक पर हुडी और स्नीकर्स जैसे स्ट्रीटवियर लाए।

उन्होंने फैशन की दुनिया को पार कर लिया और अपने करियर के चरम पर उनकी असामयिक मृत्यु ने दुनिया भर में सदमे की लहरें भेज दीं, जिसमें प्रतिद्वंद्वी डिजाइन हाउसों से श्रद्धांजलि दी गई, लेकिन एक गहरे मानवीय दूरदर्शी के रूप में देखे जाने वाले व्यक्ति के लिए अभिनेता और खिलाड़ी भी।

एलवीएमएच के मुख्य कार्यकारी बर्नार्ड अरनॉल्ट ने एक बयान में कहा, “हम सभी इस भयानक खबर से स्तब्ध हैं। वर्जिल न केवल एक प्रतिभाशाली डिजाइनर, एक दूरदर्शी, बल्कि एक सुंदर आत्मा और महान ज्ञान वाले व्यक्ति भी थे।”

LVMH के ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किए गए बयान में उन्होंने कहा, “बड़े दुख की इस घड़ी में LVMH परिवार मेरे साथ है और हम सभी उनके पति, उनके पिता, उनके भाई या उनके दोस्त के निधन के बाद उनके प्रियजनों के बारे में सोच रहे हैं।”

“निजी तौर पर” कैंसर से जूझ रहे थे।

अबलोह को 2018 में लुई वीटन के मेन्सवियर संग्रह के कलात्मक निदेशक के रूप में चुना गया था। उनके माता-पिता घाना से संयुक्त राज्य अमेरिका में आकर बस गए थे।

LVMH ने इस साल की शुरुआत में यह भी घोषणा की कि वह अबलोह द्वारा बनाए गए लक्ज़री स्ट्रीटवियर लेबल ऑफ़-व्हाइट में बहुमत हिस्सेदारी ले रहा है। एलवीएमएच ने ऑफ-व्हाइट में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी ली और अबलो ने 40 प्रतिशत हिस्सेदारी बरकरार रखी।

अबलोह ने पेरिस में अपने जनवरी के शो में लुई वीटन के साथ अपने काम में पर्यावरण और सामाजिक दोनों मुद्दों को नस्लवाद विरोधी और समलैंगिक-विरोधी संदेशों के साथ संबोधित किया है।

उन्होंने कहा कि इस साल की शुरुआत में उन्होंने LVMH के साथ अपनी साझेदारी का उपयोग करने की योजना बनाई “विभिन्न व्यक्तियों के लिए अवसरों का विस्तार करने और हमारे द्वारा प्रदान किए जाने वाले उद्योगों में अधिक इक्विटी और समावेश को बढ़ावा देने के लिए”।

फ्रांसीसी फैशन हाउस डायर में मेन्सवियर के कलात्मक निदेशक किम जोन्स ने कहा: “प्रिय वर्जिल के निधन के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ, उन सबसे दयालु लोगों में से एक जिनसे आप कभी मिल सकते हैं।”

प्रतिद्वंद्वी इतालवी लक्जरी फैशन हाउस गुच्ची ने अबलोह को “एक डिजाइनर और एक व्यक्ति के रूप में हम सभी के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा के रूप में सम्मानित किया।

गुच्ची ने अपने ट्विटर अकाउंट पर कहा, “उन्हें बहुत याद किया जाएगा, हालांकि उनकी दृष्टि उन राहों के माध्यम से जीवित रहेगी जो उन्होंने अपने पूरे करियर में उड़ाए थे।”

‘प्रभाव को कोई नहीं भूलेगा’

लक्ज़री स्ट्रीटवियर के स्वीकृत राजा, अबलोह ने कुछ ही वर्षों में खुद को दुनिया में सबसे अधिक मांग वाले डिजाइनरों में से एक के रूप में स्थापित कर लिया था।

उनका ट्रेडमार्क स्नीकर्स और स्वेटशर्ट्स के साथ स्ट्रीट कल्चर को प्रतिबिंबित करने वाली शैली थी, लेकिन यह आसानी से पहचाने जाने योग्य लोगो भी था, जो तिरछे काले और सफेद बैंड से बना था। उन्होंने नाइके, जिमी चू और मोनक्लर की पसंद के साथ सफल सहयोग का आनंद लिया।

पहला लेबल, पाइरेक्स विजन बनाया।

एक साल बाद, ऑफ-व्हाइट का जन्म हुआ, एक लक्ज़री स्ट्रीटवियर ब्रांड, जिसने अधिक “कॉट्योर” कृतियों की ओर विकसित होने से पहले अपनी आकर्षक ब्रांडिंग के माध्यम से निम्नलिखित जीता।

अबलोह उन मुट्ठी भर फैशन डिजाइनरों में से एक थे, जिनकी उद्योग से परे अच्छी तरह से करीबी थी और अपने आप में एक सेलिब्रिटी का नाम था। दुनिया भर की मशहूर हस्तियों की ओर से तुरंत श्रद्धांजलि दी गई।

फ्रांसीसी फुटबॉल स्टार कियान म्बाप्पे ने ट्वीट किया, “रिप विर्जिल अबलोह। आपके प्रभाव को कोई नहीं भूलेगा। भगवान आपको आशीर्वाद दे मेरे दोस्त।”

अमेरिकी गायक फैरेल विलियम्स ने इंस्टाग्राम पर लिखा: वर्जिल आप एक दयालु, उदार, विचारशील रचनात्मक प्रतिभा थे, एक इंसान के रूप में आपका काम और एक आध्यात्मिक प्राणी के रूप में आपका काम हमेशा जीवित रहेगा।

“अपनी पत्नी, बच्चों, परिवार के लिए प्यार और प्रकाश भेजना … आप अभी मास्टर के साथ हैं, चमकें।”

ब्रिटिश अभिनेता इदरीस एल्बा ने ट्विटर पर लिखा: “बहुत जल्द वर्जिल। आप इस दुनिया के आदमी से चूक जाएंगे।” साथी ब्रिटिश अभिनेता रिज़ अहमद ने कहा कि अबलोह ने “संस्कृति को बढ़ाया” और “खेल को बदल दिया”, “क्या संभव है इसकी फिर से कल्पना करने” में मदद की।

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नये वेरिएंट मिलने से दुनियाभर में फैली दहशत जाने पूरी खबरें

दक्षिण अफ्रीकी देशों में कोरोना का नये वेरिएंट पाये जाने के बाद दुनिया में एक बार फिर से हाहाकार मच गया है. कोरोना के नये वेरिएंट ने विश्वभर के वैज्ञानिकों और सरकारों को चिंता में डाल दिया है. कई देशों ने अफ्रीकी देशों पर पाबंदियां लगा दी है.

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Panic spread across the world due to new variants

दक्षिण अफ्रीकी देशों में कोरोना का नये वेरिएंट पाये जाने के बाद दुनिया में एक बार फिर से हाहाकार मच गया है. कोरोना के नये वेरिएंट ने विश्वभर के वैज्ञानिकों और सरकारों को चिंता में डाल दिया है. कई देशों ने अफ्रीकी देशों पर पाबंदियां लगा दी है.

 स्वास्थ्य संगठन ने शुक्रवार को घातक कोरोनावायरस के नये स्ट्रेन B.1.1.529 को ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ करार दिया है और इसे ‘ओमीक्रॉन’ नाम दिया है. इस श्रेणी के वायरस को अत्यधिक संक्रामक माना गया है. इस नए वैरिएंट के सामने आने पर दुनिया में दहशत फैल गई है

स्वास्थ्य संगठन के पास 24 नवंबर 2021 को दक्षिण अफ्रीका में B.1.1.529 वेरिएंट से संक्रमण का पहला मामला सामने आया. हालांकि इस वेरिएंट से संक्रमण का पता 9 नंवबर 2021 को टेस्ट के लिए आए एक सैंपल में मिला था. WHO के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अधनम घेब्रेसस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर बताया कि नया कोविड-19 वेरिएंट ओमीक्रॉन के बड़ी संख्या में म्यूटेशन हैं जिसमें से कुछ तो काफी चिंताजनक है.

दक्षिण अफ्रीका में इन दिनों कोरोनावायरस के इसी स्ट्रेन से संक्रमित केसों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. दक्षिण अफ्रीका से आने वाले यात्रियों में बोत्सवाना और हांगकांग में यह वेरिएंट पाया गया है. गंभीर होते हालातों को देखते हुए और भी कई देशों में इस वेरिएंट को आने से रोकने के लिए कई तरह के उपाय किए जा रहे हैं. ब्रिटेन ने एहतियातन अफ्रीकी देशों के लिए विमान सेवा पर अस्थाई रूप से रोक लगा दी है. इसी तरह कनाडा और अमेरिका ने उन विदेशी यात्रियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है जो अफ्रीका के दक्षिणी भाग की यात्रा करके आए हैं.

वैरिएंट के सामने आने पर भारत की चिंताएं भी बढ़ गई है. भारत ए क्रिकेट टीम इन दिनों साऊथ अफ्रीका दौरे पर हैं और भारत सरकार की कोशिश है कि खिलाड़ियों को इस नए वेरिएंट से बचाकर किसी तरह देश वापस लाया जाएं. इस वेरिएंट के सामने आने पर दक्षिण अफ्रीका में होने वाले जुनियर हॉकी वर्ल्डकप को होल्ड कर दिया गया है.

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82वां प्रजाइडिंग ऑफिसर्स सम्मेलन पीएम मोदी बोले जानें पूरी खबर

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में 82वें अखिल भारतीय प्रजाइडिंग ऑफिसर्स के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोकतंत्र भारत के लिए केवल एक व्यवस्था नहीं है। यह इसकी स्वाभाविक प्रवृत्ति है।

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PM Modi said at the 82nd Presiding Officers Conference

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में 82वें अखिल भारतीय प्रजाइडिंग ऑफिसर्स के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोकतंत्र भारत के लिए केवल एक व्यवस्था नहीं है। यह इसकी स्वाभाविक प्रवृत्ति है।

वर्चुअली जुड़े PM मोदी ने कहा कि देश की एकता की धारा विविधता को संजोती है। हमारा देश विविधताओं से भरा है। अपनी हज़ारों वर्ष की विकास यात्रा में हम इस बात को अंगीकृत कर चुके हैं कि विविधता के बीच भी, एकता की भव्य और दिव्य अखंड धारा बहती है।

एकता की यही अखंड धारा, हमारी विविधता को संजोती है, उसका संरक्षण करती है। उन्होंने कहा कि ये सम्मेलन हर साल कुछ नए विमर्शों और नए संकल्पों के साथ होती है। हर साल इस मंथन से कुछ न कुछ अमृत निकलता है। आज इस परंपरा को 100 साल हो रहे हैं ये भारत के लोकतांत्रिक विस्तार का प्रतीक है।

कोरोना की खिलाफ देश के सभी राज्यों ने एकजुटता दिखाई और एक ऐतिहासिक लड़ाई लड़ी है। हमें देश के लिए असाधारण लक्ष्‍य हासिल करना है। हर दल में सेवाभाव से जुड़े लोग होते हैं, सबके प्रयास से हमें सफलता हासिल होगी और अमृत संकल्‍प पूरे होंगे।

बुधवार को 82वां अखिल भारतीय प्रजाइडिंग ऑफिसर्स और 52वां विधानसभा सचिवों का सम्मेलन शुरू हुआ। सम्मेलन 19 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान संसद और विधानमंडलों में सदन कैसे सुचारु रूप से चले और चुनावी प्रक्रिया को ज्यादा सुदृढ़ व पारदर्शी बनाने पर चर्चा हो रही है। सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कर रहे हैं।

सम्मेलन में राज्यसभा के उपसभापति और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रजाइडिंग ऑफिसर्स शामिल हो रहे हैं। इस दौरान हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री भी मौजूद रहेंगे। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर सम्मेलन का समापन करेंगे।

बिरला ने कहा, बैठक में लोकसभा, राज्यसभा और राज्य विधानसभा एवं विधान परिषद को सशक्त बनाने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी।’ उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में पीठासीन अधिकारियों के अधिकारों और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

100 साल पूरे होने पर हिमाचल प्रदेश विधानसभा में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में देश के 36 राज्यों की विधानसभाओं, विधान परिषदों के प्रजाइडिंग ऑफिसर्स, उपाध्यक्ष और प्रधान सचिव हिस्सा लेने जा रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार के मुताबिक, सम्मेलन में देशभर की विधानसभा, विधान परिषदों के करीब 200 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि पीठासीन अधिकारियों का पहला सम्मेलन भी 1921 में हिमाचल प्रदेश के शिमला में आयोजित किया गया था।

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