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HDFC बैंक के ग्राहकों की अब और सुरक्षित हो जाएगी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन जाने पूरी खबरें

 HDFC ने ऑनलाइन धोखाधड़ी से अपने ग्राहकों को बचाने के लिए एक जागरूकता अभियान शुरू किया है. इस अभियान का नाम  ‘मुंह बंद रखो’ है. जिसके अंतर्गत बैंक ग्राहकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताने जा रहा है.

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HDFC Bank customers will now have more secure online transactions

 HDFC ने ऑनलाइन धोखाधड़ी से अपने ग्राहकों को बचाने के लिए एक जागरूकता अभियान शुरू किया है. इस अभियान का नाम  ‘मुंह बंद रखो’ है. जिसके अंतर्गत बैंक ग्राहकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय बताने जा रहा है.

बैंक तेजी से डिजिटल होते जा रहे हैं. सभी ग्राहक ऑनलाइन बैंकिंग का प्रयोग अधिक कर रहे हैं. ऐसे में ऑनलाइन धोखाधड़ी की काफी वारदात सामने आ रही है. एचडीएफसी बैंक ने अपने ग्राहकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए एक नया तरीका निकाला है.  बैंक अब ग्राहकों को जागरूक करने के लिए दो हजार से ज्यादा वर्कशॉप आयोजित करने वाला है.

धोखाधड़ी से बचाने के लिए जागरूकता अभियान निजी बैंक एचडीएफसी शुरू करने वाला है. बैंक ने ट्विटर के जरिए अपने ग्राहकों को यह जानकारी दी है. बैंक ने यह भी  बताया कि इस अभियान के चलते एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के तरीकों के बारे में बताया जाएगा. विशेषकर युवा ग्राहकों को फाइनेंसियल फ्रॉड से बचने के लिए जागरूक किया जाएगा.

भारत में डिजिटलीकरण सुविधाओं का विस्तार हुआ है. उसके फलस्वरुप ऑनलाइन धोखाधड़ी में भी बढ़ावा हुआ है. हाल ही में एचडीएफसी बैंक एक मुहिम के अंतर्गत अपने ग्राहकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए सुझाव देगा. जिसके परिणामस्वरूप ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचा जा सकेगा. सभी ग्राहकों को साइबर धोखाधड़ी से बचाना मुख्य उद्देश्य है.

एचडीएफसी बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ शशिधर जगदीश ने यह जानकारी दी है कि डिजिटलीकरण ने बैंक कस्टमर्स को काफी बेहतर सुविधाएं दी है. किंतु इसके साथ साइबर धोखाधड़ी भी बढ़ती जा रही है. धोखेबाज  लगातार सीधे सरल ग्राहकों‌ से फाइनेंसियल धोखाधड़ी करने की फिराक में रहते हैं.  बैंक के इस कैंपेन में दूसरे एडिशन की शुरुआत नीति आयोग के स्पेशल सचिव के राजेश्वर राव ने करी है.  इस अवसर पर राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा के सह समन्वयक लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पंत भी मौजूद थे.

  1. एचडीएफसी बैंक या कोई अन्य बैंक ग्राहकों से ईएमआई पेमेंट के लिए ओटीपी नहीं मांगता है. नेट बैंकिंग मोबाइल बैंकिंग पासवर्ड, ग्राहक आईडी, यूपीआई पिन किसी के साथ साझा ना करें.
  2. किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना रजिस्टर्ड फोन नंबर, फोन, s.m.s, ईमेल पर अपनी कोई पर्सनल डिटेल शेयर ना करें.
  3. यदि आप अपना कांटेक्ट नंबर या ईमेल आईडी बदलते हैं तो बैंक को जरूर सूचित करें.
  4. यदि आपके बैंक में कोई ‘suspicious transaction’ देखी जाएगी तो एचडीएफसी बैंक का एक प्रतिनिधि आपको फोन करके सूचित करेगा.
  5. बैंक आपको इस फोन नंबर से (61607475) संपर्क करेगा.
  6. यदि आपका कार्डखो जाता है या चोरी हो जाता है तो बैंक आपको ‘suspicious transaction’ का अलर्ट भेजकर आपकी मदद करेगा.
  7. आप 61606161 या फिर टोल फ्री नंबर 18002586161 पर बैंक की किसी भी सुविधा की जानकारी जानने के लिए कांटेक्ट कर सकते हैं.
  8. मोबाइल बैंकिंग का प्रयोग अपने लैपटॉप फोन से ही करें यदि आप किसी पब्लिक वाईफाई या अनसिक्योर्ड नेटवर्क से जुड़े हुए हैं तो अपने फोन या लैपटॉप से नेट बैंकिंग का प्रयोग ना करें.

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13 दिसंबर से शुरू होगी मूल्यांकन परीक्षा जाने पूरी खबर

 हरियाणा के सरकारी स्कूलों के 25 लाख छात्र ऑफलाइन मूल्यांकन परीक्षा में शामिल होंगे. स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली से 12 वीं तक के छात्रोंं की यह परीक्षा संयुक्त रुप से आयोजित करने का निर्णय लिया है. यें परीक्षाएं 13 दिसंबर से शुरू हो रही है. डीईओ, डीईईओ को शिक्षा निदेशालय सीलबंद लिफाफे में प्रश्न- उत्तर पुस्तिकाओं को भेजेगा. वें इन्हें छपवाकर स्कूलों को भिजवाएंगे.

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Evaluation exam will start from December 13

परीक्षा में शामिल होंगे

 हरियाणा के सरकारी स्कूलों के 25 लाख छात्र ऑफलाइन मूल्यांकन परीक्षा में शामिल होंगे. स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली से 12 वीं तक के छात्रोंं की यह परीक्षा संयुक्त रुप से आयोजित करने का निर्णय लिया है. यें परीक्षाएं 13 दिसंबर से शुरू हो रही है. डीईओ, डीईईओ को शिक्षा निदेशालय सीलबंद लिफाफे में प्रश्न- उत्तर पुस्तिकाओं को भेजेगा. वें इन्हें छपवाकर स्कूलों को भिजवाएंगे.

दिशानिर्देश जारी

शिक्षा निदेशालय ने सभी डीईओ, डीईईओ को परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं. भाषाई प्रश्नों को छोड़कर प्रश्न पत्र हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में होंगे. प्रश्न पत्रों की छपवाई के लिए प्रति जिला 5 लाख रुपए की राशि जारी की जाएगी. स्कूल मुखिया को सीलबंद लिफाफे में हीं प्रश्न- उत्तर पुस्तिका लेनी होगी. इन्हें सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी और परीक्षा समय से 10 मिनट पहले ही छात्रों को मुहैया करवाएंगे.

प्रश्न- उत्तर पुस्तिका की छपवाई का टेंडर लेने वाली कंपनी को गुणवत्ता व गोपनीयता का प्रमाण पत्र डीईओ, डीईईओ को देना होगा. छपवाई से पहले अधिकारी स्कूल वार छात्रों की संख्या की सटीक जानकारी रखें और एमआईएस से डाटा का मिलान जरुर करें. छात्रों की संख्या की ताज़ा जानकारी स्कूलों से मंगवा ली जाएं.

डेटशीट

शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल प्रभारियों व विषय शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वें छात्रों को डेटशीट कॉपी में अवश्य नोट करवाएं. छात्रों को डेटशीट कॉपी पर अभिभावकों से हस्ताक्षर करवाकर लाने होंगे. वैकल्पिक विषयों के प्रश्नपत्र स्कूल मुखिया को अपने स्तर पर तैयार करवाने होंगे. परीक्षा के दिन हीं उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर रिजल्ट को शिक्षक- अभिभावक मीटिंग में अवश्य प्रस्तुत किया जाएं.

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सरकार कर सकती है खत्म नंबरदार पद जाने पूरी खबर

नंबरदारों की नियुक्ति पर रोक लगा दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने इस संबंध में सभी डीसी को आदेश जारी किया है। फिलहाल प्रदेश में 23375 नंबरदार के पद मंजूर हैं लेकिन इनमें से एक तिहाई रिक्त हैं। नंबरदार के अलावा सरबराह नंबरदार (कार्यकारी) की नियुक्ति पर भी रोक लगाई गई है।

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Government can eliminate numbered posts

नंबरदारों की नियुक्ति पर रोक लगा दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने इस संबंध में सभी डीसी को आदेश जारी किया है। फिलहाल प्रदेश में 23375 नंबरदार के पद मंजूर हैं लेकिन इनमें से एक तिहाई रिक्त हैं। नंबरदार के अलावा सरबराह नंबरदार (कार्यकारी) की नियुक्ति पर भी रोक लगाई गई है।

हाई कोर्ट

काफी समय से चर्चा है कि प्रदेश सरकार जल्द ही नंबरदार पद को अन्य राज्यों की तर्ज पर खत्म कर सकती है। इस रोक को उसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है। इस आदेश से पहले हाइकोर्ट भी नंबरदार के पद की अहमियत पर सवाल उठा चुका है। माना जा रहा है कि डिजिटल युग में नंबरदारों की जरूरत नहीं बची है। जमीन की रजिस्ट्री में होने वाली नंबरदार की गवाही में भी अन्य विकल्प दिए जा चुके हैं।आबियाना इकट्ठा करने का काम भी नहरी पटवारियों को दिया जा चुका है। वर्तमान में नियुक्त नंबरदारों को 3000 रुपए महीना पेंशन और फ्री किराए की सुविधा मिलती है।

सामाजिक पद है नंबरदार

ग्रामीण एरिया में नंबरदार का पद एक सामाजिक और प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है। नंबरदार पद पर नियुक्त व्यक्ति को गांव में अलग ही सम्मान मिलता है। नंबरदार सरकार प्रशासन और ग्रामीणों के बीच कड़ी का काम करता है। इस पद पर अंग्रेजों के जमाने से ही नियुक्तियां होती रही हैं। सरपंच के अलावा गांव में नंबरदार के पास तमाम तरह की प्रशासनिक पावर होती है और सरकारी दस्तावेजों में नंबरदार की तस्दीक मान्य है।

जमीन की रजिस्ट्री, जमीन के मालिकों की पहचान व आबियाना इकट्‌ठा करना आदि नंबरदारों का काम है। हुड्डा सरकार से पहले नंबरदार का पद वंशानुगत होता था। इसके बाद इसे बदलकर योग्यता के आधार पर कर दिया गया। गांव में एक एससी जाति, सामान्य व बीसी वर्ग से नंबरदार होता है ताकि सामाजिक बैलेंस बना रहे।

दुष्यंत चौटाला को मांगपत्र सौंपा

हरियाणा नंबरदार एसोसिएसन के प्रधान जिले सिंह संदलाना ने बताया कि जनसंख्या लगातार बढ़ रही है जिस कारण से नंबरदारों पर काम का दबाव भी बढ़ रहा है। सरकार नए नंबरदार नियुक्त करने की बजाय उस पर रोक लगा रही है, यह बिलकुल की गलत फैसला है। इस बारे में पहले भी डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को मांगपत्र सौंपा गया था लेकिन सरकार इसको लेकर सार्थक फैसला करती नहीं दिखाई दे रही है।

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अभी तक नहीं मिली है वृद्धावस्था पेंशन जाने पूरी खबर

 हरियाणा में वृद्धावस्था पेंशन लेने वाले बुजुर्गों की जेब अभी तक खाली पड़ी है. अभी तक हरियाणा सरकार ने बुढ़ापा पेंशन के लिए बजट जारी नहीं किया है. करीब 28 लाख लोग इससे प्रभावित हैं. दो दिन तक और पेंशन नहीं आई तो फिर बुजुर्गों को 17 से 20 दिन का इंतजार और करना पड़ सकता है.

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Not yet received old age pension

 हरियाणा में वृद्धावस्था पेंशन लेने वाले बुजुर्गों की जेब अभी तक खाली पड़ी है. अभी तक हरियाणा सरकार ने बुढ़ापा पेंशन के लिए बजट जारी नहीं किया है. करीब 28 लाख लोग इससे प्रभावित हैं. दो दिन तक और पेंशन नहीं आई तो फिर बुजुर्गों को 17 से 20 दिन का इंतजार और करना पड़ सकता है.

कितना सम्मान भत्ता

प्रदेश में हर महीने बुढ़ापा पेंशन, दिव्यांग, विधवा पेंशन के लाभार्थियों को हर महीने ढाई हजार रुपए उनके खाते में मिलता है. खजाना खाली हैं या फिर बजट रिवाइज नहीं हुआं है, इस पर अधिकारी कुछ भी स्पष्टीकरण नहीं दें रहें हैं. यें जरुर कह रहे हैं कि यह समस्या पूरे प्रदेश की है,किसी एक जिले की नहीं.

ज्यादा असर

प्रदेश में करीब 28 लाख लोग इससे प्रभावित हैं. साल 2021 में बुढ़ापा पेंशन लेने वालों की संख्या जहां 17.38 लाख के पार है. वहीं 7.50 लाख विधवा, 1.74 लाख लोगों को दिव्यांग पेंशन भी हर महीने दी जाती है. लाड़ली योजना के तहत भी इन्हीं वर्गों के समान हर महीने 2500 रुपए दिए जाते हैं. आम तौर पर 17 तारीख के आसपास पेंशन जारी कर दी जाती है.

20 दिन बाद

सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण विभाग पेंशन के लिए सरकार की नोडल एजेंसी है. विभाग के अकाउंटेंट राजकुमार ने बताया कि अभी तक पूरे प्रदेश में पेंशन नहीं मिली है. बजट रिवाइज नहीं हो पाया है, आज या कल में बजट नहीं मिला तो फिर अगले महीने दो महीनों की पेंशन साथ मिलेगी.

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