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खेती-बाड़ी

बारिश से बर्बाद हुई फसल पर मुआवजा देगी दिल्ली सरकार

Delhi government will give compensation on crop damaged due to rain

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Delhi government will give compensation on crop damaged due to rain

दिल्ली ;-  बेमौसम बारिश से जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है उन्हें दिल्ली सरकार  50000  रुपए मुआवजा देगी|  मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को डिजिटल प्रेस वार्ता  पर  घोषणा की|  उन्होंने कहा कि बारिश से फसल बर्बाद होने के कारण  किसान  दुखी है उन्होंने कहा किसान दुखी ना हो बर्बाद हुई फसलों के लिए दिल्ली सरकार मुआवजा देगी

 उन्होंने कहा कि डीएम और एसडीएम बर्बाद हुई फसलों की पैमाइश 2   हफ्तों  में पूरी कर लेंगे|  हम कोशिश कर रहे हैं कि एक 2 महीने के अंदर किसानों के खाते में पैसा डाला जाए |

देशभर में  सर्वाधिक  मुआवजा देने का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ दिनों पहले दिल्ली के कुछ किसान मुझसे मिलने के लिए आए थे वह बहुत दुखी थे| किसानों ने बताया कि  बेमौसम  बारिश की वजह से उनकी फसलें बर्बाद हो गई है

उन्होंने कहा कि पिछले छह-सात  साल में जब से दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है तब से वह भी ऐसे मौके आए हैं और जब किसी वजह से किसान भाइयों की फसल बर्बाद हुई आपकी सरकार ने आगे बढ़कर आपका  साथ  दीया | हमने हर बार 50000 प्रति हेक्टेयर के हिसाब से अपने किसानों को मुआवजा दिया|

उन्होंने दावा किया कि फसल बर्बाद होने पर पूरे देश में दिल्ली सरकार किसानों को सबसे ज्यादा मुआवजा देती है देश के दूसरे राज्य में  कहीं पर 8000 रुपए तो कहीं पर 10000 रुपए मुआवजा दिया जाता है| और दिल्ली सरकार ने किसानों को ₹50000 का मुआवजा देने का ऐलान किया है|

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खबर

हरियाणा में सब्जियां हुई महंगी जाने पूरी खबर

पेट्रोल-डीजल, गैस सिलेंडर, खाद्य तेलों की महंगी कीमतों से जुझ रहे आम आदमी को अब सब्जियों की महंगी कीमतें परेशान कर रही है. कुछ दिन पहले तक जिन सब्जियों की कीमत 10-15 रुपए थीं अब वो सब्जियां 25-30 रुपए तक बिक रही हैं. गाजर, प्याज, टमाटर, गोभी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है.

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Vegetables become expensive in Haryana

पेट्रोल-डीजल, गैस सिलेंडर, खाद्य तेलों की महंगी कीमतों से जुझ रहे आम आदमी को अब सब्जियों की महंगी कीमतें परेशान कर रही है. कुछ दिन पहले तक जिन सब्जियों की कीमत 10-15 रुपए थीं अब वो सब्जियां 25-30 रुपए तक बिक रही हैं. गाजर, प्याज, टमाटर, गोभी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है.

टमाटर लोगों की रसोई से लगभग गायब हीं हों चुका है. हरियाणा की मंडियों में टमाटर 70-80 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है. सब्जियों की बढ़ती कीमतें आम आदमी की जेब ढीली करने का काम कर रही है. वहीं व्यापारियों ने अनुमान जताया है कि आने वाले कुछ दिनों में सब्जियों की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है. सब्जियों के साथ-2 फलों की कीमतों में भी उछाल देखने को मिला है. हरियाणा में केला 60 रुपए प्रति दर्जन और सेब 80-90 रुपए प्रति किलो तक बिक रही हैं. कई शहरों में तो प्याज और सेब की कीमत बराबर हो गई है.

सब्जियां और अधिक महंगे दामों पर बिक रही हैं. लोग पहले जहां एक किलोग्राम टमाटर खरीदते थे वहीं अब 250 ग्राम से हीं काम चला रहे हैं. सब्जी व्यापारियों ने बताया कि शादी-ब्याह का सीजन जोरों पर है, इसलिए सब्जियों के दामों में तेजी दर्ज की जा रही है.

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खबर

कृषि कानूनों पर पीएम से मीटिंग जाने पुरी खबर

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल की पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी से होने वाली मुलाकात किन्हीं कारणों से नही हो सकी. पीएम से मुलाकात के लिए सीएम मनोहर लाल बुधवार को ही दिल्ली रवाना हो चुके थे, लेकिन अब सीएम चंडीगढ़ वापस आकर वीरवार तीन बजे हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक लेंगे.

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Meeting with PM on agriculture laws

हरियाणा के सीएम मनोहर लाल की पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी से होने वाली मुलाकात किन्हीं कारणों से नही हो सकी. पीएम से मुलाकात के लिए सीएम मनोहर लाल बुधवार को ही दिल्ली रवाना हो चुके थे, लेकिन अब सीएम चंडीगढ़ वापस आकर वीरवार तीन बजे हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक लेंगे.

कृषि कानून की वापसी के बाद मंत्रिमंडल की यह पहली बैठक हैं, जिसमें आंदोलन के साथ-साथ हरियाणा लोक सेवा आयोग में डेंटल सर्जन भर्ती का मामला भी चर्चा में रहेगा.

 हरियाणा के सीएम मनोहर लाल बुधवार को ही दिल्ली चले गए उनका रात्रि विश्राम दिल्ली में रहा. पीएम नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात थी. ऐसे में तीन कृषि कानून की वापसी के बाद किसानों को उठाने के मामले पर पीएम के साथ चर्चा होनी थी कि आखिरकार किसानों को कैसे मनाया जाए.

क्योंकि तीन कृषि कानून की वापसी होने के बाद भी सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर हरियाणा और पंजाब के किसानों को जमावड़ा लगातार बना हुआ है. किसान 26 नवंबर को कृषि आंदोलन के एक साल पूरा होने के बाद दिल्ली के बॉर्डरों पर अपना शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं

सीएम मनोहर लाल तीन कृषि कानून की वापसी के बाद पहली बार अपनी मंत्रिमंडल की बैठक लेने जा रहे हैं. इसमें किसान आंदोलन और डेंटल सर्जन घोटाले पर भी चर्चा हो सकती है. इसके अतिरिक्त स्क्रैप पॉलिसी, स्टार्टअप पॉलिसी को भी एजेंडे में शामिल करने की संभावना है. साथ ही सिरसा में थेहड़ के लोगों के पुर्नवास के मामलों पर भी चर्चा होगी

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पराली जलाने पर किसानों पर जुर्माना जाने पूरी खबर

तमाम कोशिशों व सख्ती के बावजूद पराली जलाने की घटनाएं थमने का नाम नही ले रही है. हरसेक सैटेलाइट द्वारा जिलें में 1276 स्थानों पर पराली जलाने की सूचना जिला प्रशासन को दी गई है. हालांकि इस वर्ष यें आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम दर्ज किया गया है. कृषि विभाग द्वारा इस साल पराली जलाने वाले 456 किसानों पर करीब 11 लाख 70 हजार रुपए का जुर्माना ठोका गया है.

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Farmers fined for burning stubble

तमाम कोशिशों व सख्ती के बावजूद पराली जलाने की घटनाएं थमने का नाम नही ले रही है. हरसेक सैटेलाइट द्वारा जिलें में 1276 स्थानों पर पराली जलाने की सूचना जिला प्रशासन को दी गई है. हालांकि इस वर्ष यें आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम दर्ज किया गया है. कृषि विभाग द्वारा इस साल पराली जलाने वाले 456 किसानों पर करीब 11 लाख 70 हजार रुपए का जुर्माना ठोका गया है.

राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक हरसेक सैटेलाइट के जरिए जिलें में 1276 जगहों पर पराली जलाने की घटना ट्रेस की गई है जबकि 2020 में 1760 जगहों पर फायर लोकेशन सामने आई थी. उन्होंने कहा कि किसानों को लगातार पराली प्रबंधन करने व पराली न जलाने को लेकर जागरुक किया जा रहा है. किसानों को पराली जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुक़सान के बारे में जानकारी दी जा रही है.

किसान पराली न जलाएं, इसके लिए सभी खंड व गांव स्तर पर स्कूली विद्यार्थियों को साथ लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. यह कार्यक्रम जिले में 62 जगहों पर आयोजित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पराली न जलाने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि देने का भी काम कर रही है. किसानों को जागरूकता दिखाते हुए सरकार का सहयोग करना चाहिए और पराली न जलाने की प्रतिज्ञा करनी चाहिए.

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