Connect with us

खबर

ये जनतंत्र की जीत है बोले CM केजरीवाल जानें पूरी खबर

नई शराब नीति और प्रदूषण पर चर्चा मांग कर रही बीजेपी के तीन विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया। इन विधायकों में मोहन सिंह बिष्ट, जितेंद्र महाजन और अनिल वाजपेयी शामिल हैं।

Published

on

CM Kejriwal said in the assembly

शराब नीति और प्रदूषण

नई शराब नीति और प्रदूषण पर चर्चा मांग कर रही बीजेपी के तीन विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया। इन विधायकों में मोहन सिंह बिष्ट, जितेंद्र महाजन और अनिल वाजपेयी शामिल हैं।

दिल्ली विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र का आगाज हंगामेदार रहा। विपक्षी विधायकों ने सदन शुरू होते ही दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर हंगामा शुरू कर दिया है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने नाराज होते हुए इसके लिए भाजपा को ही जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रतिबंध के बावजूद भाजपा ने ही खूब पटाखे फोड़े।

दर्द छलक पड़ा

विधानसभा अध्यक्ष का गुस्से के साथ ही दर्द छलक पड़ा। सभापति गोयल ने कहा, भाजपा ने दिल्ली का गला घोंट दिया, प्रदूषण की वजह से जंतर मंतर पर प्रदर्शन करवाते हो कि पटाखे जलाएंगे। आपको पता है, मेरी पत्नी एक महीने से घर से बाहर नहीं निकली हैं।

विधानसभा के विशेष सत्र में नई शराब नीति और प्रदूषण पर चर्चा मांग कर रही बीजेपी के तीन विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया। इन विधायकों में मोहन सिंह बिष्ट, जितेंद्र महाजन और अनिल वाजपेयी शामिल हैं। इस दौरान सदन के आग्रह पर एक विधायक को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया इसके विरोध में बीजेपी ने सदन का बहिष्कार किया।

केजरीवाल ने कही ये बातें-

विधानसभा में किसानों आंदोलन के समर्थन में बातें कहीं। मेरे देश के किसान ने अपने सत्याग्रह से ये दिखा दिया कि अन्याय के खिलाफ सच्चाई और मजबूत इरादों की जीत जरूर होती है। सीएम बोले कि जिस अहंकार के चलते ये काले कानून पास किए गए थे और सरकार ने सोचा था कि वो कुछ भी कर लेगी किसानों ने भी उन्हें दिखा दिया आंदोलन की क्या ताकत होती है। पिछले साल ये आंदोलन शुरू हुआ और सफल रहा। मैं किसानों को तहेदिल से बधाई देता हूं। इस आंदोलन में हर कोई शामिल हुआ कोई प्रत्यक्ष रूप से कोई घर से दुआएं भेज रहा था। हर जाति वर्ग और धर्म के लोगों ने इस आंदोलन का समर्थन किया।

पंजाब के किसानों को बधाई

विधानसभा में केजरीवाल ने कहा, खासतौर से मैं पंजाब के किसानों को बधाई देता हूं जिन्होंने इस आंदोलन की अगुवाई की। सैकड़ों ट्रैक्टर वहां से आए। पिछले साल सर्दियों में भी वह बैठे रहे, गर्मी, डेंगू, कोरोना हर चीज को मात दी। मुझे लगता है कि इंसान के इतिहास में अब तक का सबसे लंबा आंदोलन चला। सबसे अहिंसात्मक, संयमित आंदोनल रहा। सत्तापक्ष ने उन्हें भड़काने, कुचलने डराने  का प्रयास किया लेकिन किसान शांत रहा। 700 किसान शहीद हो गए अपने ही देश में, उन सभी को मैं नमन करता हूं।

सरकार की हार

विधानसभा में इन लोगों को कितनी गालिया दी गईं कि एंटी नेशनल हैं, खालिस्तानी हैं, पाकिस्तानी एजेंट हैं, चीनी एजेंट हैं लेकिन इनकी हिम्मत के सामने सरकार हार गई। इन पर वाटरकैनन से पानी बरसाया गया लेकिन इनकी हिम्मत के आगे कैनन का पानी सूख गया। सड़क पर कीलें ठोंकी गईं लेकिन इनकी हिम्मत के सामने सरकार की कीलें भी पिघल गईं। बैरियर लगाया गया सब किया गया लेकिन इनकी हिम्मत नहीं तोड़ पाई सरकार। इनके अहंकार को तोड़ दिया किसानों ने।

जनतंत्र और भारत की जीत

जिस तरह से आजादी की लड़ाई लड़ी गई थी यह किसी आजादी की लड़ाई से कम नहीं था। सबसे बड़ी बात ये है कि यह किसान नहीं जनतंत्र और भारत की जीत है। लोगों का विश्वास उठ चुका था डेमोक्रेसी से। इन्हें भी ऐसा ही लगता है जब इनसे प्राइवेट में बात करो तो लेकिन इनकी मजबूरी है, ऊपर से आदेश आता है कि जो ज्यादा चिल्लाएगा उसे पद मिलेगा। यह एक हवन था जिसमें हमने भी अपनी तरफ से घी डाला। हमारे पास फाइल आई थी स्टेडियम को जेल बनाने की लेकिन हमने मंजूरी नहीं दी। हमने जब भी सीमा पर जरूरत हुई किसानों की मदद की हर तरीके से।

मास्टरस्ट्रोक

मास्टरस्ट्रोक को लेकर चुटकी लेते हुए केजरीवाल ने कहा, एक चीज मैं देख रहा हूं बेशर्मी की हद होती है। जब काले कानून आए तो भाजपा वाले बोले क्या वाह क्या मास्टरस्ट्रोक है और जब इन्हें वापस ले लिया गया तो भी ये बोले कि वाह क्या मास्टरस्ट्रोक है। मुझे बड़ा तरस आता है इन पर इनके नेताओं की वजह से इनका क्या हाल हो गया है। 

मांगें रखी हैं-

केंद्रीय मंत्री टेनी को बर्खास्त किया जाए।
एमएसपी पर कानून बने।
किसानों के खिलाफ जितने केस दायर किए गए हैं वो वापस लिए जाएं।
किसानों की जो अन्य मांगें हैं वो भी पूरी हों।
700 शहीद किसानों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए।
किसान जब चाहें तब आंदोलन खत्म करें।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

खबर

केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में फिर होगी बढ़ोतरी जाने पूरी खबर

जनवरी 2022 में फिर से महंगाई भत्ता बढ़ेगा. महंगाई भत्ते के बढ़ने के कारण कर्मचारियों की सैलरी में भी बढ़ोतरी होगी. अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि जनवरी 2022 में महंगाई भत्ते में कितना इजाफा होने वाला है. किंतु एआईसीपीआई (ACIPI) इंडेक्स के आंकड़ों के अनुसार 3% डीए बढ़ने के आसार है.

Published

on

There will be an increase in the salary of central employees again

जनवरी 2022 में फिर से महंगाई भत्ता बढ़ेगा. महंगाई भत्ते के बढ़ने के कारण कर्मचारियों की सैलरी में भी बढ़ोतरी होगी. अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि जनवरी 2022 में महंगाई भत्ते में कितना इजाफा होने वाला है. किंतु एआईसीपीआई (ACIPI) इंडेक्स के आंकड़ों के अनुसार 3% डीए बढ़ने के आसार है.

नया साल लाएगा खुशखबरी

आपको बता दें कि दिसंबर 2021 के अंत तक केंद्र के कुछ लोग आउट विभागों में प्रमोशन भी होंगे. इसके अतिरिक्त बजट 2022 में पहले फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी चर्चा हो रही है. जिस पर निर्णय भी आ सकता है. यदि ऐसा हुआ तो न्यूनतम सैलरी में भी बढ़ोतरी होगी, किंतु फिलहाल महंगाई भत्ते को लेकर एआईसीपीआई इंडेक्स का आंकड़ा कहता है कि जनवरी 2022 में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3% का इजाफा हो सकता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी 2022 में भी महंगाई भत्ते में 3% वृद्धि हो सकती है. अर्थात 3% बढ़ोतरी होने के बाद कूल डीए 31 फीसदी से बढ़कर 34 फीसदी हो सकता है. ACIPI के आंकड़ों के मुताबिक अभी सितंबर 2021 तक के आंकड़े सामने है. जिसके अनुसार महंगाई भत्ता 32.81 फीसदी है. जून 2021 तक के आंकड़ों के अनुसार से जुलाई 2021 के लिए महंगाई भत्ता 31 फीसदी बढ़ाया जा चुका है और अब इसके आगे क्या करो के मुताबिक महंगाई भत्ते का कैलकुलेशन होगा और इसमें अच्छी बढ़ोतरी भी हो सकती है.

DA में 3 फीसदी का इजाफा

AICPI इंडेक्स के आंकड़ों को देखें तो सितंबर 2021 तक महंगाई भत्ता (Dearness allowance) 33 फीसदी हो चुका है. अर्थात इस हिसाब से इसमें 2 फीसदी का इजाफा हो चुका है. हालांकि, अभी अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के आंकड़ें नहीं आए हैं. उम्मीद की जा रही है कि इसमें 1 फीसदी का और इजाफा हो सकता है.

अगर दिसंबर 2021 तक CPI(IW) का आंकड़ा 125 तक रहता है तो महंगाई भत्ते में 3 फीसदी का इजाफा निश्चित है. अर्थात कुल डीए 3% बढ़कर 34 फीसदी हो जाएगा. इसका भुगतान जनवरी 2022 से होगा और केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा हो जाएगा.

Continue Reading

खबर

10 दिसंबर से 28 ट्रेनों में जनरल टिकट पर कर सकेंगे यात्रा जाने पूरी खबर

 रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों के नंबर बदलने के बाद अब यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है. रेल बोर्ड ने यात्रियों द्वारा जनरल टिकट पर यात्रा करने की लंबे समय से की जा रही मांग को अब पूरा किया है. इनमें यात्रियों को जनरल कोच की सुविधा प्राप्त होगी. अर्थात् यात्री यूटीएस काउंटर से अनारक्षित टिकट लेकर ट्रेन में सफर कर सकते हैं.

Published

on

You will be able to travel on general ticket in 28 trains from December 10

 रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों के नंबर बदलने के बाद अब यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है. रेल बोर्ड ने यात्रियों द्वारा जनरल टिकट पर यात्रा करने की लंबे समय से की जा रही मांग को अब पूरा किया है. इनमें यात्रियों को जनरल कोच की सुविधा प्राप्त होगी. अर्थात् यात्री यूटीएस काउंटर से अनारक्षित टिकट लेकर ट्रेन में सफर कर सकते हैं.

यात्रियों को पहले जहां जनरल कोच में भी आरक्षण करवाकर सफर करना पड़ता था. इसमें चंडीगढ़ से लखनऊ के बीच चलने वाली ट्रेन से ऋषिकेश से कटरा के बीच चलने वाली हेमकुंट एक्सप्रेस अमृतसर नई दिल्ली के बीच चलने वाली शान-ए-पंजाब सहित कुछ प्रमुख ट्रेन शामिल है. रेलवे ने संबंधित मंडलों को लिखित आदेश भेज कर तुरंत प्रभाव से अवस्थाएं बनाने के आदेश दिए हैं. ताकि 10 दिसंबर से उत्तर ट्रेनों में जनरल कोच की सुविधा आमजन को मिल सके.

जनरल कोच में मिलेगी सुविधा

उत्तर रेलवे द्वारा जो आदेश दिए गए हैं उनके आधार पर अब यात्री लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेनों में भी जनरल कोच की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. रेलवे की सूचना के अनुसार अब ट्रेन नंबर 12232/31 चंडीगढ़-लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस के 8 कोच अनारक्षित श्रेणी के होंगे. इसी तरह 14610/09 श्रीमाता वैष्णो देवी कटड़ा-ऋषिकेश-कटड़ा हेमकुंट एक्सप्रेस के 3 कोच होंगे.  14218/17 चंडीगढ़-प्रयागराज-चंडीगढ़ ऊंचाहार एक्सप्रेस के 8 कोच,

14631/32 अमृतसर-देहरादून-अमृतसर के 8 कोच, 12238/37 जम्मूतवी-वाराणसी-जम्मूतवी बेगमपुरा एक्सप्रेस के 5 कोच, 14508/07 फाजिल्का-दिल्ली-फाजिल्का के 12 कोच, 12460/59 अमृतस-नई दिल्ली-अमृतसर इंटरसिटी के 10 कोच, 22430/29 पठानकोट-दिल्ली-पठानकोट के 8 कोच, 12498/97 अमृतसर-नई दिल्ली-अमृतसर शान-ए-पंजाब एक्सप्रेस में 2 कोच,

14034/33 जम्मूतवी-दिल्ली-जम्मूतवी जम्मूमेल के 4 कोच, 14554/53 अंब अंदौरा-दिल्ली-अंब अंदौरा हिमाचल एक्सप्रेस के 9 कोच, 14606/05 जम्मूतवी-योगनगर ऋषिकेश-जम्मूतवी के 5 कोच, 14682/81 जालंधर-नई दिल्ली-जांलधर इंटरसिटी के 10 कोच, 12446/45 श्रीमाता वैष्णो देवी कटड़ा-ऋषिकेश-श्रीमाता वैष्णो देवी कटड़ा उत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के 4 कोच जनरल श्रेणी के होंगे.

सॉफ्टवेयर में होगा बदलाव

आपको यह भी बता दें कि जनरल कोच की सुविधा छावनी रेलवे स्टेशन से निकलने वाली 28 ट्रेनों में शुरू की जा रही है. उत्तर रेलवे की तरफ से आदेश दिए गए हैं कि टिकट प्रक्रिया के लिए रेलवे सॉफ्टवेयर में बदलाव किया जाएगा. जनरल कोच श्रेणी की ट्रेनों के चलने के बाद यात्रियों को काफी राहत मिलेगी.  इससे पहले भी दैनिक यात्रियों के लिए 13 ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है. जो छोटे बड़े सभी रेलवे स्टेशनों को कवर कर रही है.

निरस्त ट्रेनें भी शामिल

रेलवे प्रशासन ने ऐसी ट्रेनों को भी सामान्य टिकट पर यात्रा की अनुमति दी है. जिन्हें बीते कुछ दिनों आशंकित कोहरे के कारण रद्द कर दिया गया था. आपको बता दें कि बरेली जंक्शन से होकर गुजरने वाली जिन 8 जोड़ी ट्रेनों में अनारक्षित टिकट पर यात्रा की अनुमति मिली है. उनमें 3 जोड़ी ट्रेनों का संचालन कोहरे के कारण 1 दिसंबर से 28 फरवरी तक निरस्त किया गया है.

Continue Reading

खबर

13 दिसंबर से शुरू होगी मूल्यांकन परीक्षा जाने पूरी खबर

 हरियाणा के सरकारी स्कूलों के 25 लाख छात्र ऑफलाइन मूल्यांकन परीक्षा में शामिल होंगे. स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली से 12 वीं तक के छात्रोंं की यह परीक्षा संयुक्त रुप से आयोजित करने का निर्णय लिया है. यें परीक्षाएं 13 दिसंबर से शुरू हो रही है. डीईओ, डीईईओ को शिक्षा निदेशालय सीलबंद लिफाफे में प्रश्न- उत्तर पुस्तिकाओं को भेजेगा. वें इन्हें छपवाकर स्कूलों को भिजवाएंगे.

Published

on

Evaluation exam will start from December 13

परीक्षा में शामिल होंगे

 हरियाणा के सरकारी स्कूलों के 25 लाख छात्र ऑफलाइन मूल्यांकन परीक्षा में शामिल होंगे. स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली से 12 वीं तक के छात्रोंं की यह परीक्षा संयुक्त रुप से आयोजित करने का निर्णय लिया है. यें परीक्षाएं 13 दिसंबर से शुरू हो रही है. डीईओ, डीईईओ को शिक्षा निदेशालय सीलबंद लिफाफे में प्रश्न- उत्तर पुस्तिकाओं को भेजेगा. वें इन्हें छपवाकर स्कूलों को भिजवाएंगे.

दिशानिर्देश जारी

शिक्षा निदेशालय ने सभी डीईओ, डीईईओ को परीक्षा के सफल आयोजन को लेकर दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं. भाषाई प्रश्नों को छोड़कर प्रश्न पत्र हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में होंगे. प्रश्न पत्रों की छपवाई के लिए प्रति जिला 5 लाख रुपए की राशि जारी की जाएगी. स्कूल मुखिया को सीलबंद लिफाफे में हीं प्रश्न- उत्तर पुस्तिका लेनी होगी. इन्हें सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी और परीक्षा समय से 10 मिनट पहले ही छात्रों को मुहैया करवाएंगे.

प्रश्न- उत्तर पुस्तिका की छपवाई का टेंडर लेने वाली कंपनी को गुणवत्ता व गोपनीयता का प्रमाण पत्र डीईओ, डीईईओ को देना होगा. छपवाई से पहले अधिकारी स्कूल वार छात्रों की संख्या की सटीक जानकारी रखें और एमआईएस से डाटा का मिलान जरुर करें. छात्रों की संख्या की ताज़ा जानकारी स्कूलों से मंगवा ली जाएं.

डेटशीट

शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल प्रभारियों व विषय शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वें छात्रों को डेटशीट कॉपी में अवश्य नोट करवाएं. छात्रों को डेटशीट कॉपी पर अभिभावकों से हस्ताक्षर करवाकर लाने होंगे. वैकल्पिक विषयों के प्रश्नपत्र स्कूल मुखिया को अपने स्तर पर तैयार करवाने होंगे. परीक्षा के दिन हीं उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर रिजल्ट को शिक्षक- अभिभावक मीटिंग में अवश्य प्रस्तुत किया जाएं.

Continue Reading
Advertisement

Trending