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टेक्नोलॉजी

एपल ने लॉन्च किये नए प्रोडक्ट : क्या आपकी आवाज से चलेंगे डिवाइस

Apple launches new products: Devices will run with your voice

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Apple launched new products

एपल ने सोमवार को रात अपने ‘Unleashed’ इवेंट में मैकबुक प्रो, थर्ड जनरेशन एयरपॉड्स, होमपैड मिनी समेत कई प्रोडक्ट्स लॉन्च कर दिए हैं। इवेंट का सबसे खास प्रोडक्ट्स मैकबुक प्रो रहा। इसमें कंपनी ने अपनी इन-हाउस M1 मैक्स चिप का इस्तेमाल किया है।

कंपनी का दावा है कि ये किसी हाईएंड पीसी की तुलना में 3.3x ज्यादा फास्ट है। वहीं, इसकी मेमोरी बैंडविड्थ 400GB/s है। आइये जानते है एपल के इवेंट में लॉन्च हुए सभी प्रोडक्ट्स के बारे …

14.2-इंच मैकबुक प्रो थंरडरबोल्ट कनेक्टर से चार्ज होगा

एप्पल कंपनी ने अपनी 14.2-इंच स्क्रीन साइज वाली मैकबुक प्रो लॉन्च की है। इसमें नॉच डिस्प्ले का इस्तेमाल किया गया है। ये एपल की नई M1 प्रो और मैक्स चिप के साथ आएगी। इसमें थंडरबोल्ट कनेक्टिविटी के साथ HDMI पोर्ट और SD कार्ड रीडर भी मिलेगा।

Inch MacBook Pro will charge via Thunderbolt connector

ये एपल के मैगसेफ 3 चार्जिंग को सपोर्ट करता है। खास बात है कि इसमें USB-C पोर्ट से चार्जिंग नहीं होती है, तब आप थंरडरबोल्ट कनेक्टर की मदद से इसे चार्ज कर पाएंगे।

नए एयरपॉड्स से तक लगातार म्यूजिक सुनिए

एपल ने अपने अपडेटेड थर्ड जनरेशन एयरपॉड्स को लॉन्च कर दिया। ये कंपनी के पॉपुलर ट्रू वायरलेस ईयरबड्स भी हैं। इन्हें नए सिरे से डिजाइन किया गया है। इनमें हार्ड प्लास्टिक का इस्तेमाल किया गया है।

Listen to music continuously with the new AirPods

जिससे ये कानों पर ज्यादा कम्फर्टेबल हो जाते हैं। 2016 के बाद पहली बार इसके फॉर्म फैक्टर में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है। 

होमपैड मिनी में 3 नए कलर ऑप्शन मिलेंगे

एपल के होमपैड मिनी स्पीकर को अब नए कलर्स ऑप्शन में खरीद पाएंगे। सिरी सपोर्ट वाले इन स्पीकर को कंपनी व्हाइट और स्पेस ग्रे कलर में पहले लॉन्च कर चुकी है।

Listen to music continuously with the new AirPods

हालांकि, अब इन्हें यलो, ऑरेंज और ब्लू कलर में भी खरीद पाएंगे। यानी अब इसमें कुल 5 कलर ऑप्शन मिलेंगे। 

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इलेक्ट्रिक मास्क तैयार जानें पूरी खबर

पेक  समेत 4 संस्थाओं ने मिलकर एक ऐसे मास्क का निर्माण किया है जो टिकाऊ होगा तथा कोरोनावायरस के संक्रमण से ज्यादा बचाव करेगा. आपको बता दें कि चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) समेत चार संस्थानों के विशेषज्ञों ने एक ऐसा मास्क तैयार किया है जो कि वायरस को चेहरे से दूर कर देता है.

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electric mask ready

किन संस्थाओं ने तैयार किया

पेक  समेत 4 संस्थाओं ने मिलकर एक ऐसे मास्क का निर्माण किया है जो टिकाऊ होगा तथा कोरोनावायरस के संक्रमण से ज्यादा बचाव करेगा. आपको बता दें कि चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) समेत चार संस्थानों के विशेषज्ञों ने एक ऐसा मास्क तैयार किया है जो कि वायरस को चेहरे से दूर कर देता है.

सुरक्षित रहेगा.

मास्क लगाने वाला व्यक्ति पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित रहेगा. इस मास्क के संदर्भ में खास बात यह है कि इस मास्क को चार्ज किया जा सकेगा. यह एक तरह का इलेक्ट्रिक मास्क है, जिसका प्रयोग 1 महीने से ज्यादा समय तक किया जा सकता है.इस अनोखे मास्क का पेटेंट करवाया जा रहा है.  पेटेंट होने के बाद यह मास्क बाजार में आ जाएगा. आपको बता दें कि इस मास्क की एक और खासियत है कि यह कोरोना समेत अन्य वायरस से भी बचाव करेगा. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पेक के शताब्दी समारोह में इस मास्क की काफी तारीफ भी की थी.

किसने निर्माण किया

पेक के साइबर सुरक्षा अनुसंधान केंद्र की प्रमुख का प्रो. दिव्या बंसल, फॉर्टिस मोहाली के न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर निशित सावल, जीएमसीएच-32 के डॉ रघुवीर सिंह, आईआईटी रोपड़ के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉक्टर चंदू पात्रा चक्रधर रेडी और हर्षित अजमीरा शोध कर इस मास्क का निर्माण किया है.

इस पूरी टीम ने कोरोना काल में इस मास्क को बनाने का काम शुरू कर दिया था. उन्होंने देखा कि बाजार में मौजूद मास्क वायरस से पूर्ण रूप से बचाव करने में सक्षम नहीं है. वही एन-95 मास्क को काफी सुरक्षित माना गया है लेकिन जहां मास्क जारी को लगता है मां कुछ हिस्सा ढीला होने के कारण खुला रह जाता है जिससे बारिश के प्रवेश करने के आसार बने रहते हैं.

 किसने शोध किया

चंडीगढ़ संस्थान के वैज्ञानिकों ने n95 मस्क की कमी को दूर करने के लिए शोध किया. इस शोध के फल फ्रूट चेहरे को छूने वाले हिस्से को चुंबकीय रूप से चार्ज करने और वायरस से बचाव की विधि तैयार की गई इस विधि के जरिए मास्क चलते ही चार्ज होकर वायरस को चेहरे से दूर कर देता है.

कैसे चार्ज करें

 यह मास्क भी बाजार के सामान्य मास्क के जैसा ही है. इसमें कोई बदलाव नहीं है, कपड़े या अन्य चीज़ों से बना मास्क चुंबकीय रूप से चार्ज हो जाएगा. वायरस जब ड्रॉपलेट आदि के जरिए शहर में घुसने की कोशिश भी करेगा तो प्रवेश नहीं कर पाएगा. मास्क पहनने वाला व्यक्ति पूरी तरह सुरक्षित रहेगा टीम ने इस मास्क के लिए फिल्ट्रेशन सिद्धांत को अपनाया है. इस मास्क की टेस्टिंग आईटीआई रोपड़ में हुई है. इस शोध में  शोधार्थी सविना सिंगल, गुरमेहर सिंह, तनीश आदि का सहयोग रहा है. जिसके फलस्वरूप इस मास्क का निर्माण हो सका है. इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को कोरोना के संक्रमण से बचाना है.

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NPCI भारत बिल पे ने उठाया बड़ा जाने पुरी खबर

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National Payments Corporation of India

ज्यादा ग्राहक

NPCI bharat bill payment: एनपीसीआई भारत बिल पे (NPCI Bharat bill pay) ने अपने मंच पर टाटा पावर (Tata power) को जोड़ा है. इसके बाद Tata power के अब 7 लाख से ज्यादा ग्राहक Click Pay के जरिए पेमेंट कर सकेंगे.

NPCI bharat bill payment: एनपीसीआई (NPCI ) भारत बिल पे (Bharat bill pay) ने अपने मंच पर टाटा पावर (Tata power) को जोड़ा है. NPCI की इस पहल के बाद ग्राहक अपने बिजली बिलों (electricity bill) का भुगतान बिना किसी परेशानी के कर सकते हैं. कंपनी की तरफ से मंगलवार को एक रिलीज जारी की गई थी. इसके बाद टाटा पावर के अब 7 लाख से ज्यादा ग्राहक क्लिकपे (Click Pay) के जरिए पेमेंट कर सकेंगे

ग्राहकों को मिलेगा फायदा 

Subsidiary NPCI  भारत बिलपे ने टाटा पावर को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ने की अनाउंसमेंट की है. रिलीज में जारी डिटेल के अनुसार, Tata power पहली ऐसी बिजली कंपनी है जो हाल में शुरू किए गए मंच से कनेक्ट हुई है. रिलीज में कहा गया है कि इससे कंपनी के कस्टमर्स अपने बिजली बिलों की पेमेंट बिना किसी परेशानी के सही ढंग से कर सकेंगे.

एनपीसीआई भारत बिलपे (NPCI Bharat Bill Pay) की चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नूपुर चतुर्वेदी (Nupur Chaturvedi) ने कहा कि, ‘हमें ट्रस्ट है कि इस पार्टनरशिप से बड़ी संख्या में टाटा पावर के ग्राहकों को बिजली बिल भुगतान के मामले में फायदा होगा.

बिजली के प्राइवेटाइजेशन को लेकर चिंता

3 कृषि कानून की वापसी की अनाउंसमेंट के बाद अब बिजली डिपार्टमेंट मूवमेंट तेज करने के मूड में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से कृषि कानून को वापस लेने की अनाउंसमेंट के बाद अब बिजली संशोधन बिल को लेकर आंदोलन तेज हो सकता है. इस बिल के संसद के शीतकालीन सत्र में पेश करने की आशंका के खिलाफ आंदोलन तेजी की रूपरेखा बन रही है. 

बिजली के निजीकरण को लेकर चिंता

तीन कृषि कानून की वापसी की घोषणा के बाद अब बिजली विभाग आंदोलन तेज करने के मूड में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा के बाद अब बिजली संशोधन बिल को लेकर आंदोलन तेज हो सकता है. इस बिल के संसद के शीतकालीन सत्र में पेश करने की आशंका के खिलाफ आंदोलन तेजी की रूपरेखा बन रही है. शीतकालीन सत्र के पहले दिन 29 नवंबर को होने वाले बिजली कर्मियों के देशव्यापी आंदोलन के साथ ही किसानों का भी आंदोलन है.

टाटा पावर को जोड़ा

एनपीसीआई (NPCI ) भारत बिल पे (Bharat bill pay) ने अपने मंच पर टाटा पावर (Tata power) को जोड़ा है. इससे कंपनी के ग्राहक अपने बिजली बिलों (electricity bill) का भुगतान बिना किसी परेशानी के सहज तरीके से कर सकेंगे. मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई. इससे टाटा पावर (मुंबई) के सात लाख से अधिक ग्राहक क्लिकपे भुगतान लिंक के जरिये बिजली बिल का भुगतान आसानी से कर सकेंगे.

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GIS Lab, विकास परियोजनाओं पर रखी जाएगी निगरानी जानें पूरी खबर

सेटेलाइट के जरिए विकास परियोजनाओं की निगरानी की जाएगी. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 11 जिलों में भौगोलिक सूचना प्रणाली प्रयोगशालाएं (GIS) का लोकार्पण किया है.

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GIS Lab, development projects will be monitored

सेटेलाइट के जरिए विकास परियोजनाओं की निगरानी की जाएगी. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 11 जिलों में भौगोलिक सूचना प्रणाली प्रयोगशालाएं (GIS) का लोकार्पण किया है.

हरियाणा में अब विकास परियोजनाओं की निगरानी के लिए 11 जिलों में अंतरिक्ष उपयोग द्वारा स्थापित भौगोलिक सूचना प्रणाली प्रयोगशालाएं (जीआईएस लैब) स्थापित की गई है. इन लैबो को  पहले चरण में अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, यमुनानगर, पानीपत, सोनीपत, रेवाड़ी, नूंह, भिवानी, फतेहाबाद व पलवल में  बनाया गया है. इन लैब्स के माध्यम से सेटेलाइट के जरिए विभिन्न विभागों से संबंधित डाटा इकट्ठा किया जा सकेगा. और परियोजनाओं की निगरानी भी रखी जा सकेगी.

ख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से हर से की ओर से 11 जिलों में निर्मित की गई जीआईएस लैब का लोकार्पण किया है. मुख्यमंत्री ने इस मीटिंग में जुड़े सभी कैबिनेट मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों को बताया कि स्थापित की गई, इन लैबो में सेटेलाइट इमेज का प्रयोग करके डाटा जुटा कर सुरक्षित रखा जाएगा.

इस डाटा की पूरी जानकारी जैसे संपत्ति के मालिक का नाम, संपर्क नंबर संपत्ति का क्षेत्र, संपत्ति की आवासीय वाणिज्यिक क्षेत्रों से संबंधित स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा. संपत्ति का स्थान और क्षेत्र में उपलब्ध सार्वजनिक सुविधाओं की जानकारी भी आसानी से उपलब्ध होगी सेटेलाइट के माध्यम से अधिकृत और अनधिकृत कॉलोनियों की भी आसानी से पहचाना जा सकती है.

लाभ

  • लैब के माध्यम से भविष्य की योजनाएं बनाने में डाटा एकत्रित करने में मदद मिलेगी.
  • एक जगह पर उपलब्ध होगी सभी विभागों की जानकारी.
  • सेटेलाइट के माध्यम से संकलित होगा डाटा.
  • प्राकृतिक संसाधनों के मानचित्रण शहरीकरण सरकार की विभिन्न स्कीमों का आकलन करने में सहायता मिलेगी.
  • जिला स्तर पर योजना तैयार करने में कम समय में कम खर्च लगेगा.

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